मुरादाबाद जिला न्यायालय पहुंचेंगे प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति चन्द्र धारी सिंह, न्यायिक व्यवस्थाओं की करेंगे समीक्षा
विशेष रिपोर्ट | सागर और ज्वाला न्यूज़
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Toggleमुरादाबाद। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति चन्द्र धारी सिंह का शनिवार, 25 जुलाई 2026, को मुरादाबाद जनपद आगमन प्रस्तावित है। उनके प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला न्यायालय परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मचारियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के बीच इस कार्यक्रम को लेकर विशेष उत्साह और सक्रियता देखी जा रही है।
प्रशासनिक न्यायाधीश के दौरे को न्यायिक व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे निरीक्षणों के दौरान अधीनस्थ न्यायालयों की कार्यप्रणाली, न्यायिक आधारभूत संरचना, लंबित मामलों के निस्तारण की स्थिति, न्यायालयों में उपलब्ध सुविधाओं तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाती है। माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान भी न्यायिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा और समीक्षा हो सकती है।
कौन हैं न्यायमूर्ति चन्द्र धारी सिंह?
न्यायमूर्ति चन्द्र धारी सिंह वर्तमान में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश हैं तथा मुरादाबाद जनपद के प्रशासनिक न्यायाधीश के रूप में भी दायित्व निभा रहे हैं। उन्हें न्यायिक प्रशासन, अधीनस्थ न्यायालयों की कार्यप्रणाली में सुधार, न्यायिक आधारभूत संरचना के विकास तथा न्याय वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए जाना जाता है।
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प्रशासनिक न्यायाधीश के रूप में वे समय-समय पर अपने अधीन जिलों का निरीक्षण करते हैं और न्यायालयों की व्यवस्थाओं का मूल्यांकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हैं। उनका उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुचारु, आधुनिक और जनसुलभ बनाना माना जाता है।
विधिक जीवन और न्यायिक सफर
न्यायमूर्ति चन्द्र धारी सिंह का जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से विधि की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 1994 में अधिवक्ता के रूप में अपने विधिक करियर की शुरुआत की।
अपने लंबे अधिवक्ता जीवन के दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण संवैधानिक और विधिक मामलों में पैरवी की। वे सर्वोच्च न्यायालय में एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड भी रहे तथा विभिन्न राज्यों के स्थायी अधिवक्ता और अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
वर्ष 2017 में उन्हें इलाहाबाद उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। वर्ष 2019 में वे स्थायी न्यायाधीश बने। इसके बाद उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय में भी न्यायिक सेवाएं दीं और वर्ष 2025 में पुनः इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित होकर कार्यभार ग्रहण किया। न्यायिक और प्रशासनिक दोनों क्षेत्रों में उनका अनुभव उन्हें वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित न्यायाधीशों की श्रेणी में स्थापित करता है।
दौरे के दौरान किन विषयों पर रह सकती है विशेष नजर?
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार न्यायमूर्ति चन्द्र धारी सिंह के दौरे के दौरान जिला न्यायालय परिसर की व्यवस्थाओं तथा अधीनस्थ न्यायपालिका से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक और न्यायिक विषयों की समीक्षा होने की संभावना है।
संभावित रूप से निम्न विषयों पर भी ध्यान दिया जा सकता है—
- न्यायालय भवनों एवं आधारभूत सुविधाओं की स्थिति।
- लंबित वादों के निस्तारण की प्रगति।
- न्यायालयों में उपलब्ध डिजिटल एवं ई-कोर्ट सुविधाओं का संचालन।
- न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रशासनिक व्यवस्थाएं।
- न्यायिक सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने से जुड़े पहलू।
- न्यायालय परिसर में आम नागरिकों और अधिवक्ताओं को उपलब्ध सुविधाएं।
हालांकि, अंतिम कार्यक्रम और सभी गतिविधियां केवल आधिकारिक कार्यक्रम एवं न्यायालय प्रशासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही संपन्न होंगी।
अधिवक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर
मुरादाबाद बार के अधिवक्ताओं के लिए प्रशासनिक न्यायाधीश का यह दौरा विशेष महत्व रखता है। जिला न्यायालय से जुड़े अनेक प्रशासनिक और आधारभूत विषयों पर समय-समय पर अधिवक्ताओं द्वारा सुझाव दिए जाते रहे हैं। ऐसे में प्रशासनिक न्यायाधीश का निरीक्षण न्यायिक व्यवस्था में सुधार और आवश्यक व्यवस्थाओं के मूल्यांकन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
बार एसोसिएशन के सदस्यों और न्यायिक अधिकारियों की भी इस दौरे पर विशेष नजर रहेगी। न्यायिक प्रशासन से जुड़े विषयों पर होने वाली समीक्षा भविष्य में न्यायालय परिसर की व्यवस्थाओं और सुविधाओं को और बेहतर बनाने में सहायक हो सकती है।
न्यायिक व्यवस्था को मिलेगा मजबूती का संदेश
प्रशासनिक न्यायाधीशों के जिला भ्रमण को केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं माना जाता, बल्कि यह अधीनस्थ न्यायपालिका की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन करने और न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। ऐसे निरीक्षणों से न्यायालयों में प्रशासनिक सुधार, बेहतर समन्वय और न्यायिक सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में सहायता मिलती है।
मुरादाबाद जिला न्यायालय में प्रस्तावित यह दौरा भी न्यायिक प्रशासन की कार्यप्रणाली की समीक्षा और आवश्यक सुधारों के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
निष्कर्ष
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति चन्द्र धारी सिंह का प्रस्तावित मुरादाबाद दौरा जिला न्यायालय, न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और न्यायालय प्रशासन के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दौरान न्यायालय की विभिन्न व्यवस्थाओं और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समीक्षा होने की संभावना है। सभी गतिविधियां आधिकारिक कार्यक्रम और न्यायालय प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न होंगी।
— सागर और ज्वाला न्यूज़ डेस्क







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