एंटी करप्शन का बड़ा एक्शन: मुरादाबाद में चकबंदी विभाग का पेशकार, अमरोहा में कानूनगो रिश्वत लेते गिरफ्तार
दो दिनों में दो बड़ी कार्रवाई, सरकारी विभागों में मचा हड़कंप; भ्रष्टाचार पर उठे बड़े सवाल
सागर और ज्वाला समाचार | विशेष रिपोर्ट
Table of Contents
Toggleभाग-1 : मुरादाबाद में चकबंदी विभाग का रिश्वत कांड
₹50 हजार लेते रंगे हाथ पकड़ा गया डीडीसी कार्यालय का पेशकार, निलंबित होकर पहुंचा जेल
मुरादाबाद में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने डिप्टी डायरेक्टर चकबंदी (डीडीसी) कार्यालय के वरिष्ठ सहायक एवं पेशकार सुभाष चंद्र को ₹50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। विभाग ने तत्काल प्रभाव से उसे निलंबित भी कर दिया।
₹50 हजार की रिश्वत लेते डीडीसी कार्यालय का पेशकार गिरफ्तार, एंटी करप्शन का बड़ा ट्रैप ।
पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करे
यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर ओमवीर सिंह की शिकायत पर की गई। उनका आरोप है कि चकबंदी के एक मामले में अंतिम बहस पूरी होने के कई माह बाद भी आदेश जारी नहीं किया गया और आदेश को वेबसाइट पर अपलोड कराने के लिए पहले ₹5 लाख तथा बाद में ₹1 लाख की रिश्वत मांगी गई। बाद में ₹50 हजार की पहली किस्त तय हुई।
ओमवीर सिंह ने रिश्वत देने के बजाय एंटी करप्शन ब्यूरो से शिकायत की। जांच सही पाए जाने पर एसीबी ने ट्रैप बिछाया और केमिकल लगे नोट देकर आरोपी को कार्यालय में ही रंगे हाथ पकड़ लिया।
कचहरी में पूरे दिन रही चर्चा
गिरफ्तारी के अगले दिन मुरादाबाद कचहरी में यह मामला पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा। अधिवक्ताओं और वादकारियों का कहना था कि चकबंदी विभाग में लंबे समय से भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती रही हैं। कई लोगों ने मांग की कि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की आय और संपत्ति की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए।
मुजफ्फरनगर में पत्नी की हत्या के मामले में नदीम को मौत की सजा: पूरा मामला और लागू कानून
हालांकि अधिकारियों के विरुद्ध लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता एवं अन्य लोगों के आरोप हैं। इनकी जांच अभी जारी है।
भाग-2 : अमरोहा में कानूनगो पर एंटी करप्शन का शिकंजा
रिटायरमेंट से पहले रिश्वत लेते पकड़ा गया कानूनगो, किसान की शिकायत पर एसीबी की कार्रवाई

मुरादाबाद की कार्रवाई के अगले ही दिन अमरोहा में भी एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हसनपुर तहसील के कानूनगो (राजस्व निरीक्षक) अरविंद कुमार शर्मा को ₹10 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
शिकायतकर्ता किसान देवकरन, निवासी गांव कुदैना चक, ने आरोप लगाया कि खेत की पैमाइश कराने के नाम पर कानूनगो पिछले चार-पांच महीनों में अलग-अलग किस्तों में करीब ₹40 हजार ले चुका था। इसके बावजूद कार्य नहीं किया गया। बाद में उसने ₹10 हजार और मांगे।
दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढही, 7 लोगों की मौत
किसान ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की। सत्यापन के बाद टीम ने ट्रैप बिछाया और हसनपुर में ₹10 हजार की रिश्वत लेते हुए कानूनगो को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
बताया जा रहा है कि आरोपी कानूनगो सेवानिवृत्ति के करीब था, लेकिन उससे पहले ही एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
भ्रष्टाचार पर सख्त होती कार्रवाई
मुरादाबाद और अमरोहा में लगातार दो दिनों के भीतर हुई इन कार्रवाइयों ने यह संकेत दिया है कि एंटी करप्शन ब्यूरो भ्रष्टाचार की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई कर रहा है। दोनों मामलों के बाद सरकारी विभागों में हड़कंप का माहौल है और लोगों में यह चर्चा है कि यदि शिकायतकर्ता आगे आते रहे तो अन्य विभागों में भी इसी तरह की कार्रवाई देखने को मिल सकती है।







Users Today : 0
Users Last 30 days : 31
Total Users : 25231
Total views : 47686