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टिमिट में महिला सशक्तिकरण पर जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन

टिमिट में महिला सशक्तिकरण पर जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन

महिलाओं की सुरक्षा, अधिकार, आत्मनिर्भरता एवं समानता पर विशेषज्ञों ने रखे विचार, विद्यार्थियों को किया जागरूक

मुरादाबाद। टिमिट- कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट के सभागार में आज “महिला सशक्तिकरण” विषय पर एक प्रभावशाली एवं जागरूकता से भरपूर कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं एवं विद्यार्थियों को महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता, लैंगिक समानता तथा संवैधानिक संरक्षण के प्रति जागरूक करना था, ताकि वे समाज में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा एवं समान अवसरों के महत्व को समझते हुए सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के वाहक बन सकें।

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कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत करते हुए महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता और वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला गया।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता इंस्पेक्टर वंदना सिंह, एसएचओ महिला थाना, मुरादाबाद रहीं। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित विभिन्न कानूनों, साइबर अपराधों से बचाव, महिला हेल्पलाइन सेवाओं, आत्मरक्षा के उपायों, घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकारों तथा संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में महिलाओं एवं युवाओं के लिए साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि किसी भी प्रकार की उत्पीड़न या अपराध की स्थिति में बिना भय के कानून की सहायता लें तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें।

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उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “जागरूकता, आत्मविश्वास, शिक्षा और आत्मनिर्भरता ही महिला सशक्तिकरण की सबसे बड़ी ताकत हैं। जब समाज महिलाओं को समान अवसर और सम्मान प्रदान करता है, तभी वास्तविक विकास संभव होता है।”

इस अवसर पर प्रोफेसर (डॉ.) विपिन जैन, डीन, फैकल्टी ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि शिक्षा संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, संवेदनशीलता, नैतिक मूल्यों तथा संवैधानिक दायित्वों के प्रति जागरूकता विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को कानून की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार, जागरूक एवं संवेदनशील नागरिक बनने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।

प्रोफेसर (डॉ.) चारूल जैन, हेड ऑफ डिपार्टमेंट (यूजी प्रोग्राम) ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह एक सशक्त, समतामूलक एवं प्रगतिशील समाज की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से महिलाओं के प्रति सम्मान, समान अवसर, सकारात्मक सोच एवं सहयोगात्मक व्यवहार अपनाने का आह्वान किया और कहा कि सामाजिक परिवर्तन की शुरुआत प्रत्येक व्यक्ति के विचारों और व्यवहार से होती है।

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कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह एवं सक्रियता के साथ सहभागिता की। उन्होंने महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, कानूनी अधिकारों, आत्मरक्षा तथा सामाजिक चुनौतियों से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका मुख्य वक्ता ने व्यावहारिक उदाहरणों सहित विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। इस संवादात्मक सत्र ने विद्यार्थियों को कानून, सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति अधिक जागरूक एवं प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर टिमिट के बीबीए तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता करते हुए महिला सम्मान, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के संदेश को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज में इसके व्यापक प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया।

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