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आईएसटीडी मुरादाबाद चैप्टर एवं टीएमआईएमटी के संयुक्त तत्वावधान में भविष्य की प्रबंधन शिक्षा पर विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन

आईएसटीडी मुरादाबाद चैप्टर एवं टीएमआईएमटी के संयुक्त तत्वावधान में भविष्य की प्रबंधन शिक्षा पर विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन

मुरादाबाद, 25 जुलाई 2026। भारतीय प्रशिक्षण एवं विकास संस्था (आईएसटीडी), मुरादाबाद चैप्टर एवं तीर्थंकर महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (टीएमआईएमटी), तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में “बियॉन्ड द मैनेजमेंट एजुकेशन: प्रिपेयरिंग फॉर द वर्ल्ड दैट डज़न्ट एग्जिस्ट येट” विषय पर एक विशेष अतिथि व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बदलती वैश्विक परिस्थितियों, उभरती प्रौद्योगिकियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), नेतृत्व क्षमता तथा भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के प्रति जागरूक करना था।

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कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता डॉ. सी. मनोहर का स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकों, प्रबंधन संकाय के संकाय सदस्यों एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, प्रख्यात एजुकेशन इवेंजेलिस्ट, कैपेसिटी बिल्डर, मेंटर एवं कंसल्टेंट डॉ. सी. मनोहर ने अपने प्रेरणादायक एवं विचारोत्तेजक व्याख्यान में कहा कि वर्तमान समय केवल पारंपरिक प्रबंधन शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नवाचार, डिजिटलीकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा-आधारित निर्णय, रचनात्मक सोच और निरंतर सीखने की क्षमता का युग है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में अनेक ऐसे रोजगार और करियर अवसर विकसित होंगे जिनकी आज कल्पना करना भी कठिन है। इसलिए विद्यार्थियों को स्वयं को लगातार नई तकनीकों और बदलते उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना होगा।

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उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि समस्या समाधान क्षमता, आलोचनात्मक एवं रचनात्मक सोच, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, प्रभावी संचार कौशल, टीम वर्क, नेतृत्व क्षमता तथा आजीवन सीखने की प्रवृत्ति को अपने व्यक्तित्व का अभिन्न हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि भविष्य उन्हीं लोगों का होगा जो परिवर्तन को अवसर के रूप में स्वीकार करेंगे और नई परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को निरंतर विकसित करेंगे।

कुलपति प्रो. वी.के. जैन का संबोधन

तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय के कुलपति एवं आईएसटीडी मुरादाबाद चैप्टर के चेयरपर्सन प्रो. वी.के. जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, नवाचार, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा व्यावहारिक सोच का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति और वैश्विक परिवेश के अनुरूप उच्च शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए सक्षम बनाएं।

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उन्होंने आईएसटीडी एवं टीएमआईएमटी के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत समन्वय पर आधारित ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यस्थल की अपेक्षाओं से परिचित कराते हैं तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने के लिए प्रेरित करते हैं।

प्रो. विपिन जैन ने साझा किए अपने विचार

आईएसटीडी मुरादाबाद चैप्टर के सचिव एवं फैकल्टी ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट के डीन प्रो. विपिन जैन ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक प्रबंधन शिक्षा का उद्देश्य केवल कुशल प्रबंधक तैयार करना नहीं है, बल्कि ऐसे उत्तरदायी, नैतिक, दूरदर्शी एवं संवेदनशील नेतृत्वकर्ताओं का निर्माण करना है जो समाज, उद्योग और राष्ट्र की बदलती आवश्यकताओं को समझते हुए प्रभावी निर्णय लेने में सक्षम हों।

उन्होंने बताया कि आईएसटीडी समय-समय पर ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों का आयोजन करता है जो विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा उद्योग जगत के विशेषज्ञों के बीच अनुभव, ज्ञान और कौशल के आदान-प्रदान का प्रभावी मंच उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के व्याख्यान विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, करियर निर्माण, नेतृत्व क्षमता तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक दक्षताओं को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रश्नोत्तर सत्र रहा आकर्षण का केंद्र

व्याख्यान के उपरांत आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने भविष्य के रोजगार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव, करियर नियोजन, नेतृत्व विकास, डिजिटल स्किल्स, उच्च शिक्षा तथा उद्योग जगत की बदलती आवश्यकताओं से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे। डॉ. सी. मनोहर ने सभी प्रश्नों का व्यावहारिक, सरल एवं प्रेरणादायक उत्तर देते हुए विद्यार्थियों को भविष्य के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने और आत्मविश्वास के साथ नई चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित किया।

ज्ञान और कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक उपलब्धियाँ ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि तकनीकी दक्षता, नवाचार, नेतृत्व, संचार कौशल और सकारात्मक सोच जैसी क्षमताएँ ही विद्यार्थियों को भविष्य की प्रतिस्पर्धा में सफलता दिला सकती हैं। आईएसटीडी मुरादाबाद चैप्टर एवं टीएमआईएमटी द्वारा आयोजित यह व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए न केवल प्रेरणादायक रहा, बल्कि उन्हें भविष्य की बदलती दुनिया और उसके अनुरूप स्वयं को तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शन भी प्रदान कर गया।

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