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आईएसटीडी मुरादाबाद चैप्टर द्वारा राष्ट्रीय वेबिनार का सफल आयोजन

आईएसटीडी मुरादाबाद चैप्टर द्वारा राष्ट्रीय वेबिनार का सफल आयोजन

दिनांक: 24 जून 2026


“लीडरशिप लेसन्स फ्रॉम रियल लाइफ एग्जाम्पल्स” विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार सम्पन्न

भारतीय प्रशिक्षण एवं विकास संस्था (आईएसटीडी), मुरादाबाद चैप्टर एवं तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में “लीडरशिप लेसन्स फ्रॉम रियल लाइफ एग्जाम्पल्स” विषय पर एक राष्ट्रीय वेबिनार का सफल आयोजन गूगल मीट के माध्यम से किया गया। इस वेबिनार का उद्देश्य प्रतिभागियों को नेतृत्व के व्यावहारिक पहलुओं, मानव संसाधन प्रबंधन की बदलती आवश्यकताओं तथा वैश्विक कार्य संस्कृति की चुनौतियों और उनके प्रभावी समाधानों से परिचित कराना था।


कार्यक्रम का शुभारंभ एवं स्वागत उद्बोधन

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना के साथ किया गया। इसके पश्चात आईएसटीडी, मुरादाबाद चैप्टर के वाइस चेयरमैन डॉ. अमित कंसल ने सभी विशिष्ट अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया।

अपने स्वागत संबोधन में उन्होंने बताया कि यह आयोजन 12 माह की राष्ट्रीय वेबिनार श्रृंखला का तीसरा सत्र है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को उद्योग जगत के अनुभवी विशेषज्ञों से सीखने तथा अपने ज्ञान और दृष्टिकोण को व्यापक बनाने का अवसर प्रदान करते हैं।


मुख्य वक्ता ने साझा किए नेतृत्व के व्यावहारिक अनुभव

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री अमित गोस्वामी, वाइस प्रेसिडेंट, एचएसबीसी रहे। उन्होंने अपने लगभग 22 वर्षों के व्यावसायिक अनुभवों को प्रतिभागियों के साथ साझा करते हुए नेतृत्व के वास्तविक स्वरूप पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि नेतृत्व केवल लोगों के कार्यों का प्रबंधन करना नहीं है, बल्कि ऐसे नए नेताओं का निर्माण करना है जो भविष्य में संगठन को नई दिशा प्रदान कर सकें। उन्होंने वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव और बदलते कार्य वातावरण पर चर्चा करते हुए कहा कि तकनीकी उन्नति के साथ मानवीय संवेदनशीलता, प्रभावी संवाद क्षमता और अनुकूलनशीलता का महत्व और अधिक बढ़ गया है।


मानव संसाधन प्रबंधन की बदलती भूमिका पर विशेष चर्चा

अपने विचार व्यक्त करते हुए श्री नभगन पाणि ने कहा कि मानव संसाधन (एचआर) प्रबंधकों को केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें संगठन के रणनीतिक साझेदार के रूप में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि किसी भी एचआर पेशेवर की सफलता संगठन की परिचालन प्रक्रियाओं, उत्पादन व्यवस्था, विपणन रणनीतियों तथा संसाधन प्रबंधन की गहरी समझ पर निर्भर करती है।


नवाचार, नेतृत्व एवं कार्य-जीवन संतुलन पर विशेष बल

आईएसटीडी, मुरादाबाद चैप्टर के सेक्रेटरी प्रो. विपिन जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में संगठनात्मक सफलता के लिए तकनीक, नवाचार, टीमवर्क और दूरदर्शी नेतृत्व का संतुलित समन्वय आवश्यक है।

उन्होंने कर्मचारियों की व्यक्तिगत एवं पारिवारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लचीली कार्य प्रणाली अपनाने तथा बेहतर कार्य-जीवन संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया।


प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता एवं समापन सत्र

कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमित कंसल द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रो. विपिन जैन, डॉ. मोहित रस्तोगी, डॉ. अमित कंसल सहित अनेक शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. मोहित रस्तोगी ने मुख्य वक्ता का परिचय प्रस्तुत किया तथा अपने समापन उद्बोधन में कहा कि प्रभावी नेतृत्व अनुभव, संवेदनशीलता, धैर्य एवं निरंतर सीखने की प्रक्रिया से विकसित होता है।

अंत में सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी ऐसे ज्ञानवर्धक आयोजनों के माध्यम से नेतृत्व विकास और ज्ञान संवर्धन को निरंतर प्रोत्साहित करने का संकल्प दोहराया गया।


प्रो. विपिन जैन
(डीन)
फैकल्टी ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट
मो.: 9917200216

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