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बारिश ने खोली स्मार्ट सिटी की हकीकत, थोड़ी देर की बारिश में ही जलमग्न हुईं मुरादाबाद की सड़कें

बारिश ने खोली स्मार्ट सिटी की हकीकत, थोड़ी देर की बारिश में ही जलमग्न हुईं मुरादाबाद की सड़कें

स्मार्ट सिटी के दावों पर उठे सवाल, जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त

मुरादाबाद, 10 जुलाई (सागर और ज्वाला न्यूज)।
स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किए जा रहे मुरादाबाद महानगर में शुक्रवार को हुई तेज बारिश ने नगर निगम और प्रशासन की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। कुछ घंटों की मूसलाधार बारिश के बाद शहर की कई प्रमुख सड़कें, बाजार, कॉलोनियां और निचले इलाके पानी से लबालब भर गए। जगह-जगह जलभराव के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा और यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।

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बारिश के बाद शहर की तस्वीर किसी तालाब से कम नहीं दिखाई दी। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाने से लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर वाहन चालकों को पानी के बीच से जोखिम उठाकर निकलना पड़ा, जबकि अनेक दोपहिया वाहन पानी में बंद हो गए और कई चार पहिया वाहन भी जलभराव में फंसते दिखाई दिए।

इन क्षेत्रों में सबसे अधिक रहा जलभराव

बारिश के बाद शहर के दिल्ली रोड, रामगंगा विहार, मझोला, लाइनपार, हरथला, पीतल नगरी, कांठ रोड, बुध बाजार, आवास विकास, नया मुरादाबाद तथा अन्य कई क्षेत्रों में जलभराव की गंभीर स्थिति देखने को मिली। कई मोहल्लों में पानी घरों और दुकानों तक पहुंच गया, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

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कई आवासीय क्षेत्रों में लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने तक में परेशानी हुई। स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और बुजुर्गों को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बारिश के कारण कई स्थानों पर घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही और लोगों को लंबी दूरी तय करने में सामान्य से अधिक समय लग गया।

बारिश के पहले दौर में ही फेल हुई ड्रेनेज व्यवस्था

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के मौसम में शहर की यही स्थिति बन जाती है, लेकिन करोड़ों रुपये की स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और नगर निगम के दावों के बावजूद जल निकासी की समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

शहरवासियों का आरोप है कि बरसात से पहले नालों की समुचित सफाई नहीं कराई गई और कई स्थानों पर नालियां कूड़े और गंदगी से भरी हुई हैं। परिणामस्वरूप थोड़ी देर की बारिश ने ही पूरे शहर की ड्रेनेज व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी।

लोगों का कहना है कि यदि नालों की समय पर सफाई और जल निकासी की उचित व्यवस्था की गई होती तो शहर को इस प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता। कई नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत किए गए विकास कार्य केवल कागजों और दावों तक सीमित नजर आ रहे हैं।

व्यापारियों और आम जनता को हुआ नुकसान

बाजारों में जलभराव के कारण व्यापारियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा। दुकानों के बाहर पानी भर जाने से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई और व्यापारिक गतिविधियां लगभग ठप पड़ गईं। कई दुकानदारों ने बताया कि बारिश का पानी दुकानों के अंदर तक पहुंच गया, जिससे सामान खराब होने का खतरा पैदा हो गया।

दूसरी ओर कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों को समय पर अपने कार्यस्थल तक पहुंचने में परेशानी हुई। कई लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे, जबकि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित रही।

आगामी दिनों में और बढ़ सकती हैं मुश्किलें

मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में नगर निगम और प्रशासन के सामने जलभराव की समस्या से निपटना एक बड़ी चुनौती बन गई है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही शहरीकरण की प्रक्रिया के बीच जल निकासी की स्थायी व्यवस्था विकसित करना समय की आवश्यकता बन चुका है। यदि ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत नहीं किया गया तो प्रत्येक वर्ष बरसात के दौरान शहरवासियों को इसी प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

शहरवासियों की प्रमुख मांगें

1. शहर के सभी प्रमुख नालों और नालियों की तत्काल सफाई कराई जाए।
2. जल निकासी की स्थायी और वैज्ञानिक व्यवस्था विकसित की जाए।
3. जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए।
4. बरसात के मौसम में आपातकालीन नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाए।
5. जलभराव वाले क्षेत्रों में पंपिंग मशीनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
6. स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की स्वतंत्र जांच कर उनकी प्रगति सार्वजनिक की जाए।

जनता का सवाल

करोड़ों रुपये की लागत से विकसित की जा रही स्मार्ट सिटी परियोजना के बावजूद यदि कुछ घंटों की बारिश में ही शहर की सड़कें जलमग्न हो जाएं, तो स्वाभाविक रूप से लोगों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर स्मार्ट सिटी का लाभ आम नागरिकों तक कब पहुंचेगा?

अब देखना यह होगा कि प्रशासन और नगर निगम इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए शहरवासियों को राहत दिलाने के लिए कौन से ठोस और प्रभावी कदम उठाते हैं।

कैप्शन

“स्मार्ट सिटी मुरादाबाद में हुई तेज बारिश के बाद सड़कों पर भरा पानी, जलभराव से जनजीवन प्रभावित और विकास के दावों पर उठे सवाल।”

— सागर और ज्वाला न्यूज, मुरादाबाद

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