मुरादाबाद जंक्शन पर यात्री सुविधाओं की खुली पोल
डीआरयूसीसी सदस्य डॉ. पवन कुमार जैन के निरीक्षण में बंद मिलीं लिफ्टें, एलईडी स्क्रीन व प्लास्टिक बोतल क्रेशर; सफाई व्यवस्था और ‘जनता खाना’ की उपलब्धता पर भी उठाए सवाल

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Toggleमुरादाबाद, 31 जुलाई। मुरादाबाद जंक्शन रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की वास्तविक स्थिति उस समय सामने आई जब रेलवे उपभोक्ता परामर्शदात्री समिति (डीआरयूसीसी) के सदस्य डॉ. पवन कुमार जैन ने शुक्रवार को स्टेशन का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर में कई महत्वपूर्ण यात्री सुविधाएं बंद, निष्क्रिय अथवा अव्यवस्थित मिलीं, जिस पर उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए रेलवे प्रशासन से तत्काल प्रभाव से आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की।
बंद मिलीं लिफ्टें, यात्रियों को हो रही परेशानी
निरीक्षण के दौरान फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) पर स्थापित लिफ्टें बंद पाई गईं। इससे वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों तथा भारी सामान लेकर आने-जाने वाले यात्रियों को सीढ़ियों का उपयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। डॉ. जैन ने कहा कि आधुनिक रेलवे स्टेशनों पर लिफ्ट जैसी सुविधाएं केवल औपचारिकता नहीं बल्कि यात्रियों की आवश्यक जरूरत हैं। इनका लंबे समय तक बंद रहना यात्रियों के अधिकारों और सुविधा दोनों के साथ समझौता है।
दिशा-निर्देशों के अभाव में यात्रियों में भ्रम
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि फुट ओवर ब्रिज और स्टेशन परिसर में पर्याप्त दिशा-निर्देश एवं सूचना पट्टिकाएं (साइनेज) उपलब्ध नहीं हैं। कई स्थानों पर संकेतक या तो अनुपस्थित थे या स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहे थे। इसके कारण बाहर से आने वाले यात्रियों को प्लेटफॉर्म, निकास द्वार, आरक्षण केंद्र तथा अन्य आवश्यक स्थानों तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
एलईडी स्क्रीन बंद, ट्रेनों की जानकारी मिलने में दिक्कत
स्टेशन परिसर में यात्रियों की सुविधा के लिए लगाई गई कई एलईडी डिस्प्ले स्क्रीन बंद मिलीं। इन स्क्रीन के माध्यम से यात्रियों को ट्रेनों के आगमन, प्रस्थान, प्लेटफॉर्म परिवर्तन तथा अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इनके बंद रहने से यात्रियों को बार-बार पूछताछ केंद्र या उद्घोषणाओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे विशेष रूप से भीड़भाड़ के समय असुविधा बढ़ जाती है।
निष्क्रिय मिले प्लास्टिक बोतल क्रेशर
स्वच्छ भारत अभियान एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्टेशन परिसर में लगाए गए प्लास्टिक बोतल क्रेशर भी बंद अवस्था में मिले। डॉ. जैन ने कहा कि इन मशीनों का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण करना है, लेकिन इनके निष्क्रिय रहने से रेलवे के स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी प्रयास प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने इन्हें शीघ्र चालू कराने की आवश्यकता पर बल दिया।
बिना यूनिफॉर्म के मिले वेंडर, यात्रियों में असमंजस
निरीक्षण के दौरान अधिकांश वेंडर एवं कैटरिंग स्टाफ निर्धारित रेलवे यूनिफॉर्म में नहीं मिले। इससे यात्रियों के लिए अधिकृत और अनधिकृत विक्रेताओं की पहचान करना कठिन हो रहा था। रेलवे के नियमों के अनुसार अधिकृत वेंडरों का निर्धारित वर्दी में होना अनिवार्य है ताकि यात्रियों को सुरक्षित एवं प्रमाणित सेवाएं मिल सकें। डॉ. जैन ने संबंधित अधिकारियों को इस व्यवस्था का सख्ती से पालन कराने के निर्देश देने की मांग की।
‘जनता खाना’ उपलब्ध न मिलने पर जताई नाराजगी
रेलवे द्वारा सामान्य एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के यात्रियों को सस्ती दरों पर भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ‘जनता खाना’ किसी भी अधिकृत काउंटर पर उपलब्ध नहीं मिला। डॉ. जैन ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य आम यात्रियों को किफायती भोजन उपलब्ध कराना है। यदि यह सुविधा स्टेशन पर उपलब्ध नहीं होगी तो इसका सीधा असर जरूरतमंद यात्रियों पर पड़ेगा।
सफाई व्यवस्था भी मिली असंतोषजनक
निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर के कई हिस्सों में सफाई व्यवस्था भी अपेक्षित स्तर की नहीं मिली। डॉ. जैन ने कहा कि देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल मुरादाबाद जंक्शन पर स्वच्छता, रखरखाव और यात्री सुविधाओं का उच्च स्तर होना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से नियमित निरीक्षण, प्रभावी निगरानी तथा समयबद्ध सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
रेलवे प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
निरीक्षण के उपरांत डॉ. पवन कुमार जैन ने रेलवे प्रशासन से सभी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने, बंद पड़ी लिफ्टों, एलईडी स्क्रीन एवं प्लास्टिक बोतल क्रेशर को शीघ्र चालू कराने, सूचना प्रणाली को मजबूत बनाने, वेंडरों की यूनिफॉर्म सुनिश्चित करने तथा ‘जनता खाना’ जैसी आवश्यक सुविधाओं को नियमित रूप से उपलब्ध कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि मुरादाबाद मंडल का प्रमुख रेलवे स्टेशन होने के कारण यहां प्रतिदिन हजारों यात्री आवागमन करते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण स्टेशन पर यात्री सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही रेलवे की कार्यप्रणाली और सेवा गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगाती है। उन्होंने विश्वास जताया कि रेलवे प्रशासन निरीक्षण में सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक सुधार करेगा, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर यात्रा अनुभव प्राप्त हो सके।







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