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विशेष साक्षात्कार: राघवेंद्र सिंह राजू बोले – देश में हजारों राजनीतिक दल हैं, लेकिन सामान्य वर्ग की पीड़ा पर कोई गंभीर चर्चा नहीं करता

विशेष साक्षात्कार: राघवेंद्र सिंह राजू बोले – देश में हजारों राजनीतिक दल हैं, लेकिन सामान्य वर्ग की पीड़ा पर कोई गंभीर चर्चा नहीं करता

योग्यता की अपेक्षा सामान्य वर्ग की सबसे बड़ी पीड़ा: राघवेंद्र सिंह राजू

20 सितम्बर आगरा शक्ति सम्मेलन से पहले वरिष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री ने रखे अपने विचार

लखनऊ | 30 जुलाई 2026

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अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री राघवेंद्र सिंह राजू ने आगामी 20 सितम्बर 2026 को आगरा में आयोजित होने वाले शक्ति सम्मेलन से पहले सामान्य वर्ग, युवाओं, शिक्षा, रोजगार तथा आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि देश में हजारों राजनीतिक दल सक्रिय हैं, लेकिन सामान्य वर्ग के युवाओं की समस्याओं और उनकी मेहनत से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा नहीं की जाती।

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उन्होंने कहा कि भारत तभी वास्तविक अर्थों में विकसित राष्ट्र बन सकता है जब प्रत्येक मेहनती और योग्य युवा को बिना किसी भेदभाव के आगे बढ़ने का समान अवसर मिले। उनका मानना है कि राजनीति का मूल उद्देश्य समाज की सेवा होना चाहिए और संविधान में वर्णित समानता के सिद्धांत को व्यवहार में लागू करना समय की आवश्यकता है।

मेहनत का सम्मान होना चाहिए

राघवेंद्र सिंह राजू ने कहा कि सामान्य वर्ग का एक परिवार अपने बच्चों की शिक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों में भी दिन-रात मेहनत करता है। कई परिवार कर्ज लेकर बच्चों को पढ़ाते हैं ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकें। ऐसे में यदि कोई छात्र 95 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने के बाद भी अवसरों से वंचित रह जाता है, तो उसका मनोबल टूटता है। उनका कहना है कि देश की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें योग्यता और परिश्रम का सम्मान सर्वोपरि हो।

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आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा समय की मांग

उन्होंने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक न्याय स्थापित करना था, लेकिन वर्तमान समय में इसकी समीक्षा आवश्यक है। उनका मत है कि सहायता और विशेष अवसर का लाभ उन लोगों तक पहुँचना चाहिए जो वास्तव में आर्थिक रूप से कमजोर हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति को बनाया जाए ताकि किसी भी जाति, वर्ग या समाज का गरीब छात्र शिक्षा और रोजगार के अवसरों से वंचित न रहे।

शांत और शिक्षित युवा ही राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत

राघवेंद्र सिंह राजू ने कहा कि भारत का पढ़ा-लिखा युवा लोकतंत्र, संविधान और कानून पर विश्वास करता है। वह अपनी बात शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से रखता है। ऐसे युवाओं की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना सरकार तथा समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि योग्य युवाओं को उचित अवसर मिलेंगे तो देश की प्रगति और तेज होगी तथा भारत विश्व स्तर पर और अधिक मजबूत बनेगा।

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योग्यता का सम्मान ही सच्ची राष्ट्रसेवा

उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि देश में प्रतिभा, परिश्रम और योग्यता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। जब योग्य युवाओं को उनके परिश्रम के अनुरूप अवसर प्राप्त होंगे तभी भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकेगा। उनका मानना है कि शिक्षा और रोजगार प्रत्येक नागरिक का अधिकार है तथा किसी भी योग्य छात्र के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।

20 सितम्बर को प्रधानमंत्री के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन

राघवेंद्र सिंह राजू ने बताया कि 20 सितम्बर 2026 को आगरा में आयोजित शक्ति सम्मेलन के दौरान अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा एक प्रस्ताव पारित करेगी। इसके पश्चात महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद कुंवर हरिवंश सिंह के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन में प्रमुख मांग होगी कि आरक्षण व्यवस्था का आधार आर्थिक किया जाए ताकि सभी आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों और युवाओं को समान अवसर प्राप्त हो सकें।

देशभर में पहले भी चलाए जा चुके हैं जागरूकता अभियान

उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर देशभर में तीन बड़े जागरूकता अभियान और यात्राएं आयोजित कर चुकी है। इन अभियानों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक अपनी बात पहुंचाई गई और समान अवसर की आवश्यकता पर बल दिया गया।

यूजीसी कानून और आरक्षण समीक्षा पर भी उठाई आवाज

राघवेंद्र सिंह राजू ने कहा कि संगठन भविष्य में यूजीसी कानून से जुड़े मुद्दों, आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के हितों से जुड़े विषयों पर भी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। उन्होंने कहा कि उद्देश्य किसी वर्ग का विरोध करना नहीं, बल्कि सभी गरीब और योग्य युवाओं को समान अवसर दिलाना है।

युवाओं से किया एकजुट होने का आह्वान

उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि मतभेदों को पीछे छोड़कर देश के भविष्य के लिए एकजुट हों। शिक्षा, रोजगार और न्याय प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। यदि योग्य और मेहनती युवाओं को अवसर मिलेगा तो देश का भविष्य और अधिक उज्ज्वल होगा। उन्होंने कहा कि “आवाज दो, हम सब एक हैं” अभियान के माध्यम से संगठन देशभर में जागरूकता फैलाने का कार्य जारी रखेगा।

उन्होंने अंत में कहा कि अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा विश्व के सबसे प्राचीन सामाजिक संगठनों में से एक है और समाज तथा राष्ट्रहित के प्रत्येक संघर्ष में सदैव लोगों के साथ खड़ी रही है।

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