UGC वापस लो आंदोलन : सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची आवाज़, पूर्व सांसद कुंवर हरिवंश सिंह ने की पहल
सुप्रीम कोर्ट में सबसे पहले दस्तक देने वाले नेता बने कुंवर हरिवंश सिंह
देश में UGC वापस लो की मांग को लेकर चल रही बहस के बीच एक बड़ी पहल सामने आई है। इस मुद्दे पर सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट में दस्तक देने का श्रेय पूर्व सांसद कुंवर हरिवंश सिंह को जाता है। उन्होंने इस विषय को केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि न्यायिक स्तर पर भी इसे उठाकर समाज के हितों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का कार्य किया।
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Toggleकुंवर हरिवंश सिंह की इस पहल को लेकर समाज के कई बुद्धिजीवी और संगठन उनके साहस और प्रतिबद्धता की सराहना कर रहे हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. ए.पी. सिंह की प्रतिक्रिया
प्रसिद्ध वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. ए.पी. सिंह का मानना है कि आज के समय में बहुत कम नेता ऐसे हैं जो किसी मुद्दे पर खुलकर सामने आते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अधिकांश नेता केवल बयान देने तक सीमित रह जाते हैं, लेकिन कुंवर हरिवंश सिंह जैसे नेता वास्तव में जमीन पर संघर्ष करते हुए दिखाई देते हैं।
डॉ. ए.पी. सिंह के अनुसार
“कुंवर हरिवंश सिंह और उनके सहयोगी राघवेन्द्र सिंह राजू की जोड़ी समाज के मुद्दों को लेकर वास्तविक धरातल पर काम करती हुई दिखाई देती है।”
संगठन बहुत बने, पर समर्पण कम दिखाई देता है
आज देश में राजपूताना और क्षत्रिय समाज के नाम पर हजारों संगठन बनते और टूटते रहते हैं। कई लोग समाज के नाम पर राजनीति करते हैं, लेकिन जब उन्हें सत्ता या पद मिल जाता है तो वे अक्सर अपने मूल उद्देश्य से दूर हो जाते हैं।
इसके विपरीत कुंवर हरिवंश सिंह उन नेताओं में गिने जाते हैं जो सांसद और विधायक बनने के बाद भी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं भूलते।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का नेतृत्व
कुंवर हरिवंश सिंह वर्तमान में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा जैसे देश के सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित संगठन का नेतृत्व कर रहे हैं।
एक सफल उद्योगपति होने के बावजूद उन्होंने हमेशा समाज के हितों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने के लिए
- नियमित कार्यक्रम
- संगठनात्मक कार्यालय
- कोष व्यवस्था
- और एक समर्पित टीम का निर्माण किया
ताकि समाज के मुद्दों को व्यवस्थित तरीके से उठाया जा सके।
किसान नेता ठाकुर भानू प्रताप सिंह की राय
भारतीय किसान यूनियन (भानू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानू प्रताप सिंह ने कई बार सार्वजनिक मंचों पर कहा है कि
“कुंवर हरिवंश सिंह का समाज के प्रति समर्पण और जुनून ही उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाता है।”
उनका मानना है कि राजनीति में बहुत लोग आते हैं, लेकिन जनता के दिलों में वही बसते हैं जो जमीन से जुड़े रहते हैं।
समाज के लिए समय और संसाधन समर्पित
समाजसेवी जितेंद्र सिंह भी कई बार यह बात कह चुके हैं कि
“कुंवर हरिवंश सिंह जैसा समाज के लिए समय देना और अपने संसाधन खर्च करना आज के समय में बहुत दुर्लभ है।”
उनके अनुसार सांसद की कुर्सी से भी बड़ा अगर कोई उद्देश्य है तो वह है अपने समाज और जनता की सेवा।
संसद से सड़क तक उठाई समाज की आवाज़
कुंवर हरिवंश सिंह ने हमेशा क्षत्रिय समाज और आम जनता की आवाज़ को संसद से लेकर सड़क तक मजबूती से उठाया।
उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी और प्रतापगढ़ क्षेत्र इसके विकास का साक्षी है।
2019 में देश के सर्वश्रेष्ठ सांसदों में शामिल
उनकी कार्यशैली और जनता के प्रति समर्पण को देखते हुए इंडिया टुडे ग्रुप ने वर्ष 2019 में उन्हें देश के सर्वश्रेष्ठ सांसदों की सूची में पाँचवाँ स्थान दिया था।
यह सम्मान केवल उनके राजनीतिक कद को ही नहीं बल्कि उनकी जनसेवा को भी दर्शाता है।
हर सुख-दुख में जनता के साथ खड़े रहने वाले नेता
कुंवर हरिवंश सिंह की पहचान केवल एक राजनेता की नहीं है, बल्कि वह ऐसे व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं जो हर सुख-दुख में समाज और अपने समर्थकों के साथ खड़े रहते हैं।
उनकी सादगी, संघर्ष और समाज के प्रति समर्पण उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान देता है।
सच्चा नेतृत्व क्या होता है
आज के दौर में नेतृत्व अक्सर सोशल मीडिया और मंचों की भाषणबाजी तक सीमित हो गया है।
लेकिन सच्चा नेतृत्व वही है
- जो जनता के बीच दिखाई दे
- जो संकट के समय सबसे पहले खड़ा हो
- और जो समाज के लिए लगातार संघर्ष करता रहे
कुंवर हरिवंश सिंह की कार्यशैली इसी सच्चे नेतृत्व का उदाहरण मानी जाती है।
समाज की शान – क्षत्रियों का सम्मान
कुंवर हरिवंश सिंह की यही सादगी, संघर्ष और समाज के प्रति समर्पण उन्हें क्षत्रिय समाज के बीच एक विशेष सम्मान दिलाता है।
उनकी पहचान आज केवल एक नेता की नहीं बल्कि समाज के सच्चे सेवक और जननायक के रूप में स्थापित हो चुकी है।





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