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दि बार एसोसिएशन एण्ड लाइब्रेरी, मुरादाबाद में होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन

दि बार एसोसिएशन एण्ड लाइब्रेरी, मुरादाबाद में होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन

जिला जज सैयद माउज बिन आसिम व मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह रहे मुख्य अतिथि, सैकड़ों अधिवक्ताओं ने दी होली की शुभकामनाएं

मुरादाबाद। होली पर्व के उपलक्ष्य में दि बार एसोसिएशन एण्ड लाइब्रेरी, मुरादाबाद के तत्वावधान में भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में मुरादाबाद के जिला जज श्री सैयद माउज बिन आसिम तथा मुरादाबाद मंडल के मंडलायुक्त श्री आंजनेय कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भाग लिया और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।

समारोह के दौरान अधिवक्ता समाज में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। अधिवक्ताओं ने आपसी मेलजोल और भाईचारे के साथ होली का पर्व मनाया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिवक्ता समाज के बीच आपसी सौहार्द, सहयोग और एकजुटता को और मजबूत करना रहा।


होली मिलन समारोह में दिखा उत्साह और आपसी भाईचारा

कार्यक्रम के दौरान बार परिसर में उत्सव जैसा वातावरण बना रहा। अधिवक्ताओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व की बधाई दी और पारंपरिक ढंग से होली की खुशियां साझा कीं। वरिष्ठ और युवा अधिवक्ता एक साथ इस आयोजन में शामिल हुए, जिससे कार्यक्रम और अधिक उत्साहपूर्ण और यादगार बन गया।

अधिवक्ताओं ने इस अवसर पर एक-दूसरे के साथ संवाद करते हुए सामाजिक और न्यायिक विषयों पर भी चर्चा की। कार्यक्रम के माध्यम से अधिवक्ता समाज के बीच आपसी समन्वय और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।


न्याय व्यवस्था में अधिवक्ताओं की भूमिका अहम : जिला जज

इस अवसर पर जिला जज श्री सैयद माउज बिन आसिम ने कहा कि होली का पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है। इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और लोगों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत बनाते हैं।

उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज न्याय व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। न्यायालयों में अधिवक्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और उनके सहयोग से ही आमजन को न्याय मिल पाता है।


भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखती है चैत्र प्रतिपदा : मंडलायुक्त

समारोह के दौरान मंडलायुक्त श्री आंजनेय कुमार सिंह ने अपने संबोधन में भारतीय परंपराओं और संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि चैत्र प्रतिपदा भारतीय नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है और इसका धार्मिक व सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व है।

उन्होंने कहा कि भारतीय पंचांग के अनुसार चैत्र प्रतिपदा से ही नए संवत्सर का आरंभ होता है। यह दिन नई ऊर्जा, नए संकल्प और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

इस अवसर पर लोगों को समाज में सकारात्मकता, सद्भाव और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए।उन्होंने अधिवक्ता समाज की सराहना करते हुए कहा कि समाज में न्याय, अनुशासन और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में अधिवक्ताओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।


मंडलायुक्त ने गीत गाकर बांधा समां, अधिवक्ता भावविभोर

होली मिलन समारोह के दौरान एक रोचक और यादगार क्षण तब आया जब मुरादाबाद मंडल के मंडलायुक्त श्री आंजनेय कुमार सिंह ने अपनी मधुर आवाज में एक गीत गाकर उपस्थित अधिवक्ताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अचानक हुए इस संगीतपूर्ण पल से पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और सभी अधिवक्ता भावविभोर होकर गीत का आनंद लेने लगे।

मंडलायुक्त ने वर्ष 1969 की प्रसिद्ध फिल्म “आया सावन झूम के” का लोकप्रिय गीत –
“यह समां तो जली रोशनी के लिए, चल के पूर्व से ठंडी हवा आ गई…”
अपनी मधुर आवाज में गाकर सुनाया। उनके गीत की प्रस्तुति ने समारोह के माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया।

गीत सुनते ही कार्यक्रम में उपस्थित अधिवक्ता मुस्कुराते हुए तालियां बजाने लगे और कई अधिवक्ताओं ने कहा कि “हमारे कमिश्नर साहब तो हर क्षेत्र में पारंगत हैं, प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ उन्हें संगीत की भी अच्छी समझ है।”

मंडलायुक्त की इस प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को आनंदित कर दिया और कुछ देर के लिए पूरा वातावरण संगीत और उल्लास से भर गया। होली के इस रंगीन अवसर पर उनका यह गीत समारोह की सबसे यादगार झलक बन गया, जिसे उपस्थित अधिवक्ता लंबे समय तक याद रखेंगे।


बार पदाधिकारियों सहित सैकड़ों अधिवक्ता रहे उपस्थित

इस अवसर पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता और महासचिव कपिल गुप्ता सहित सैकड़ों अधिवक्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं देते हुए पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया।

कार्यक्रम के अंत में बार पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथियों एवं उपस्थित अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन अधिवक्ता समाज के बीच आपसी भाईचारे और एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं। अधिवक्ताओं में मुख्य रूप से नीरज सोलंकी, ओमवीर सिंह, रंजीत सिंह जितेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ जे पी, आवरण अग्रवाल, अंजार हुसैन, पुष्प यादव, अचल शर्मा,

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