स्वदेशी जागरण मंच की राष्ट्रीय परिषद बैठक जयपुर में सम्पन्न
ऐतिहासिक नगरी जयपुर में दो दिवसीय राष्ट्रीय परिषद बैठक
स्वदेशी विचार और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से स्वदेशी जागरण मंच की दो दिवसीय राष्ट्रीय परिषद बैठक राजस्थान की ऐतिहासिक नगरी जयपुर में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।
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इस महत्वपूर्ण बैठक में देशभर से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया और स्वदेशी, आत्मनिर्भरता तथा भारत की आर्थिक नीतियों से जुड़े कई अहम विषयों पर गहन मंथन किया।
बैठक से लौटे स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह संयोजक डॉ. राजीव कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस राष्ट्रीय परिषद बैठक में देश के सभी 45 प्रान्तों से कुल 395 कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें 65 मातृशक्ति प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं स्वदेशी जागरण मंच के वरिष्ठ पदाधिकारियों का मार्गदर्शन
बैठक के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ केन्द्रीय अधिकारी वी. भाग्गैया जी तथा स्वांत रंजन जी ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन प्रदान किया।
इसके साथ ही स्वदेशी जागरण मंच के प्रमुख पदाधिकारियों में
- आर. सुन्दरम जी
- डॉ. भगवती प्रकाश शर्मा जी
- कश्मीरी लाल जी
सहित अन्य केंद्रीय अधिकारियों ने भी अपने विचार रखे और स्वदेशी आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाने पर बल दिया।
उद्यमी सम्मान समारोह और प्रदर्शनी का आयोजन
राष्ट्रीय परिषद बैठक से पूर्व स्थानीय इकाई द्वारा उद्यमी सम्मान समारोह और स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा द्वारा किया गया। उन्होंने स्वदेशी उत्पादों और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि भारत की आर्थिक मजबूती के लिए स्वदेशी विचारधारा अत्यंत महत्वपूर्ण है।
विभिन्न संगठनों की सक्रिय भागीदारी
इस राष्ट्रीय परिषद बैठक में केवल स्वदेशी जागरण मंच के कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि कई अन्य सामाजिक और राष्ट्रवादी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
इनमें प्रमुख रूप से
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद
- ग्राहक पंचायत
- विद्या भारती
- हिन्दू जागरण मंच
- सहकार भारती
के साथ-साथ गायत्री परिवार, कनेरी मठ, जागृति यात्रा, दे आसरा, समर्थ भारत और देश के तीन बड़े व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर चर्चा
बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इनमें विशेष रूप से
- भारत और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence)
- वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिदृश्य
- युवाओं में सोशल मीडिया के बढ़ते दुष्प्रभाव
जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि नई तकनीकों के साथ भारत को अपनी स्वदेशी सोच और आर्थिक स्वावलंबन को भी समान रूप से मजबूत करना होगा।
चार महत्वपूर्ण विषयों पर कार्यदल गठन
बैठक में भविष्य की कार्ययोजना को ध्यान में रखते हुए चार महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष कार्यदल (टास्क फोर्स) बनाने पर सहमति बनी।
ये विषय हैं –
- विकास का भारतीय प्रतिमान
- विश्व व्यापार समझौते
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)
- युगानुकूल स्वदेशी
इन विषयों पर विशेषज्ञों और कार्यकर्ताओं के माध्यम से व्यापक अध्ययन और कार्य योजना तैयार की जाएगी।
स्वावलंबी भारत अभियान को मिलेगा विस्तार
राष्ट्रीय परिषद बैठक में स्वावलंबी भारत अभियान को और अधिक मजबूत बनाने का निर्णय लिया गया।
इसके अंतर्गत
- देश के सभी जिलों में स्वावलंबन केंद्रों की स्थापना
- जिला प्रशिक्षकों की नियुक्ति
- स्थानीय उद्यमिता और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की योजना
पर सहमति बनी।
स्वदेशी से जुड़े विभिन्न प्रकल्पों पर बनी आगामी योजना
बैठक में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा संचालित विभिन्न प्रकल्पों और गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए भी विस्तृत योजना बनाई गई।
इनमें प्रमुख रूप से
- स्वदेशी शोध संस्थान
- स्वदेशी व्यापारी जुटान
- BGIF (भारतीय वैश्विक निवेश मंच)
- स्वदेशी मेला
- MYSBA (Make Your Self Bharat Aatmanirbhar)
- निर्यातक फोरम
- वित्त सलाहकार परिषद
के साथ-साथ महिला कार्य, युवा कार्य और पर्यावरण कार्य को भी आने वाले समय में विशेष रूप से गति देने का निर्णय लिया गया।
मुरादाबाद के डॉ. राजीव कुमार को मिला राष्ट्रीय दायित्व
इस राष्ट्रीय परिषद बैठक के दौरान मुरादाबाद से सम्मिलित स्वदेशी जागरण मंच के वरिष्ठ कार्यकर्ता डॉ. राजीव कुमार को राष्ट्रीय सह संयोजक का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया।
इसके साथ ही
- कपिल नारंग को क्षेत्र सह संयोजक – स्वदेशी जागरण मंच
- कुलदीप सिंह को क्षेत्र समन्वयक – स्वावलंबी भारत अभियान
का नवीन दायित्व प्रदान किया गया।
स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम
जयपुर में सम्पन्न हुई यह राष्ट्रीय परिषद बैठक स्वदेशी विचारधारा, आत्मनिर्भर भारत और आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस बैठक में लिए गए निर्णयों से आने वाले समय में देशभर में स्वदेशी आंदोलन को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।





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