डायबिटीज़ मरीजों के लिए ‘बासी रोटी’बनी छिपी औषधि–Zane Ayurveda ने बताई परंपरा के पीछे की वैज्ञानिक सच्चाई
गाज़ियाबाद।
आधुनिक जीवनशैली में जहाँ लोग ग्लूटेन-फ्री, कीटो और विदेशी डाइट की ओर भाग रहे हैं, वहीं Zane Ayurveda ने भारतीय रसोई की एक पुरानी परंपरा – ‘बासी रोटी’ को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित स्वास्थ्यवर्धक भोजन के रूप में प्रस्तुत किया है।
कंपनी का दावा है कि यह साधारण लगने वाली रोटी, डायबिटीज़ (मधुमेह) से जूझ रहे मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है।
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Toggle🔬 विज्ञान ने भी माना इसका असर
आयुर्वेदिक अनुसंधान के साथ किए गए वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, जब ताज़ी रोटी को ठंडा करके रातभर रखा जाता है, तो उसमें मौजूद स्टार्च पर रेट्रोग्रेडेशन (Retrogradation) की प्रक्रिया होती है।
इससे रोटी में रेज़िस्टेंट स्टार्च बढ़ जाता है, जो:
✔ धीरे पचता है
✔ ब्लड शुगर को अचानक नहीं बढ़ाता
✔ पेट को देर तक भरा रखता है
✔ आंतों के स्वास्थ्य को सपोर्ट करता है
📚 आयुर्वेद ने सदियों पहले बताया था इसका महत्व
आयुर्वेद में ‘बासी भोजन’ को शीता (शीतल) व लघु (हल्का) गुण वाला माना गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पित्त-कफ प्रकृति वाले लोग – जो अधिकतर डायबिटीज़ से प्रभावित होते हैं – इसके सेवन से लाभ उठा सकते हैं।
यदि इस रोटी को मल्टीग्रेन आटे या मेथी दाना, जामुन बीज चूर्ण व गुड़मार पत्ती पाउडर मिलाकर तैयार किया जाए, तो यह भोजन नहीं बल्कि प्राकृतिक औषधि बन जाता है।
🗣️ Zane Ayurveda के संस्थापक डॉ. गौरव जैन का बयान
“बासी रोटी परंपरा और विज्ञान का अद्भुत संगम है।
जब हम साधारण भोजन को सही तरीके से समझकर अपनाते हैं,
तो वही हमारी सबसे बड़ी औषधि बन सकता है।
डायबिटीज़ मरीजों के लिए यह एक किफ़ायती और कारगर विकल्प है।”
💡 विदेशी डाइट नहीं, समाधान घर की थाली में – Zane Ayurveda का संदेश
कंपनी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से यह संदेश दिया है कि
स्वास्थ्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए विदेशी प्रोटीन पाउडर या महंगी डाइट नहीं, बल्कि
भारतीय परंपराओं की वैज्ञानिक पुनर्व्याख्या ही वास्तविक समाधान है।
🏥 Zane Ayurveda कौन है?
Zane Ayurveda एक प्रतिष्ठित आयुर्वेदिक दवा निर्माण संस्था है,
जो केवल कच्ची जड़ी-बूटियों (Crude Herbs) से औषधियाँ तैयार करती है और
किसी प्रकार के रासायनिक एक्सट्रैक्ट का उपयोग नहीं करती।
कंपनी का उद्देश्य:
“प्राचीन ज्ञान को आधुनिक परिणामों के साथ जोड़ना।”
📌 विज़न व मिशन – “प्रकृति से प्रगति तक”
➤ प्रकृति आधारित जीवनशैली को प्रोत्साहित करना
➤ रासायनिक निर्भरता को कम करना
➤ शरीर, मन और आत्मा की संपूर्ण चिकित्सा करना
🌾 निष्कर्ष: परंपरा ही है भविष्य का विज्ञान
यह रिपोर्ट बताती है कि भारतीय रसोई का एक सामान्य भोजन भी
यदि वैज्ञानिक तरीके से समझकर अपनाया जाए,
तो यह मधुमेह जैसे गंभीर रोगों के खिलाफ कारगर हथियार बन सकता है।





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