PM Narendra Modi अपनी दो देशों की यात्रा पूरी कर भारत लौट आए हैं। PM Modi का विमान दिल्ली के पालम हवाई अड्डे पर उतरा, जहां उन्होंने अधिकारियों का अभिवादन किया और फिर अपने वाहन से रवाना हो गए। इस विदेश यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने फ्रांस में एआई समिट की सह-अध्यक्षता की और अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। यह बैठक खास थी क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात थी।
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Toggleभारत-फ्रांस के बीच व्यापार और निवेश संबंध होंगे मजबूत
PM Modi ने फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता की। इस शिखर सम्मेलन में दोनों नेताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में भारत-फ्रांस सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की।
इसके बाद पीएम मोदी और मैक्रों के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी हुई। इस बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत-फ्रांस की साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
इसके बाद पीएम मोदी ने पेरिस में आयोजित 14वें भारत-फ्रांस सीईओ फोरम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने फ्रांसीसी कंपनियों से भारत में निवेश करने की अपील की और बताया कि यह भारत में निवेश के लिए सबसे उपयुक्त समय है।
PM Modi ने दक्षिणी फ्रांस के मार्सिले क्षेत्र का भी दौरा किया और यहां स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। मार्सिले जेल में सावरकर को ब्रिटिश हुकूमत के दौरान कुछ समय के लिए कैद किया गया था, जहां उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम की अलख जगाई थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से महत्वपूर्ण बैठक
अमेरिका में PM Modi की मुलाकात राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हुई। यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण रही क्योंकि इसमें व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, तकनीक और दोनों देशों के आपसी संबंधों को लेकर उच्च स्तरीय वार्ता हुई।
PM Modi फ्रांस से बुधवार को अमेरिका पहुंचे, जहां गुरुवार (भारत में शुक्रवार) को व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप ने उनका भव्य स्वागत किया। दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा और अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने का निर्णय लिया। इस यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर सहमति बनी।
अमेरिका देगा भारत को F-35 लड़ाकू विमान – ट्रंप
पीएम मोदी ने अमेरिका में अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान कई प्रमुख अधिकारियों और व्यापार जगत की हस्तियों से मुलाकात की। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल वाल्ट्ज, राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड, टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और भारतीय मूल के अमेरिकी उद्योगपति विवेक रामास्वामी से चर्चा की।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi arrives at Palam airport in Delhi after concluding his two-nation visit to France and the US.
During his visit, PM Modi co-chaired AI summit in France and in the US, the PM met President Donald Trump – first meeting of the two leaders after… pic.twitter.com/wX4UyhdqJ5
— ANI (@ANI) February 14, 2025
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई बातचीत के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका भारत को F-35 लड़ाकू विमान देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है। यह सौदा रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा और भारत की सैन्य ताकत को बढ़ाने में मदद करेगा।
भारत-अमेरिका के बीच रक्षा और तकनीकी सहयोग होगा मजबूत
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी बैठक में यह तय किया कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाया जाएगा। इस दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा हुई, जिनमें रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उन्नत तकनीक और अंतरिक्ष सहयोग शामिल रहे।
अमेरिका ने भारत को अपने उन्नत सैन्य उपकरणों और हथियार प्रणालियों की आपूर्ति करने की इच्छा जाहिर की। वहीं, भारत ने भी अमेरिका के साथ रक्षा उत्पादन में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
व्यापार और निवेश के क्षेत्र में होगा विस्तार
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान व्यापार और निवेश को लेकर भी अहम चर्चा हुई। भारत और अमेरिका ने व्यापार को और गति देने और दोनों देशों के बीच निवेश को बढ़ाने के लिए नए अवसर तलाशने का निर्णय लिया।
इस दौरान अमेरिकी कंपनियों को भारत में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। पीएम मोदी ने उद्योगपतियों से कहा कि भारत में निवेश के लिए यह सबसे अनुकूल समय है क्योंकि सरकार लगातार व्यापारिक माहौल को आसान बना रही है।
भारत-फ्रांस-अमेरिका: वैश्विक मंचों पर सहयोग को लेकर प्रतिबद्धता
पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि भारत, फ्रांस और अमेरिका के बीच न केवल द्विपक्षीय सहयोग बल्कि वैश्विक मंचों पर भी साझेदारी मजबूत होगी। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए तीनों देश मिलकर काम करेंगे।
इसके अलावा, जलवायु परिवर्तन, तकनीकी विकास और वैश्विक सुरक्षा के मुद्दों पर भी एकजुट होकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई गई।
भारत लौटने पर हुआ भव्य स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस सफल यात्रा के बाद जब वे भारत लौटे, तो पालम हवाई अड्डे पर उनका भव्य स्वागत किया गया। अधिकारियों और समर्थकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उनकी इस महत्वपूर्ण यात्रा को भारत के हित में एक बड़ी उपलब्धि बताया।
इस यात्रा के दौरान भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को और मजबूत किया और महत्वपूर्ण साझेदारियों को आगे बढ़ाया। फ्रांस और अमेरिका के साथ हुए समझौतों से भारत की रक्षा, व्यापार और तकनीकी क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा भारत के लिए कई मायनों में सफल रही। फ्रांस और अमेरिका दोनों देशों के साथ व्यापार, रक्षा, तकनीक और वैश्विक सहयोग को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण समझौतों और चर्चाओं को अंजाम दिया गया। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा साझेदारी मजबूत हुई और F-35 लड़ाकू विमान डील पर सहमति बनी।
इसके अलावा, फ्रांस में एआई समिट की सह-अध्यक्षता और व्यापारिक रिश्तों को बढ़ावा देने के प्रयास भारत के वैश्विक प्रभाव को और बढ़ाने वाले कदम हैं। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा ने यह साफ कर दिया कि भारत अब दुनिया के बड़े देशों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत स्थिति बना रहा है।


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