“महाकुंभ 2025: आस्था के संगम को धूमिल करने वाले तथाकथित युटयुबर्स और इनफ्लुएंसर पर लगाम क्यों जरूरी है?”
रोहित मुखिया। मुरादाबाद
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Toggleमहाकुंभ विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है। अनेकों देश की इतनी आबादी नहीं है। जितना महाकुंभ में श्रद्धालु स्नान करेंगे। 183 देश के लोग महाकुंभ खोज रहे हैं। आस्था संस्कृति विरासत और समरसता का संगम है। महाकुंभ यानी अद्भुत अकल्पनीय अविश्वसनीय, जिसके सामने विश आश्चर्य जनक है, लाखों विदेशी भारतीय संस्कृति में अमृत स्नान करने आ रहे हैं। अनेकों साधु संतों अखाड़े की विश्व शांति के लिए अकल्पनीय प्रतिज्ञाएं और भक्ति वैराग्य जीवन भारतीय संत परंपरा की विविधता से परिचित कर रही है। भौतिकवादी विमुख होकर संगम किनारे लाखों श्रद्धालु कल्पवास में रहकर तपस्या कर रहे हैं। हजारों हजारों दूर से पैदल चलकर अमृत स्नान के लिए श्रद्धालु आ रहे हैं। वही कुछ युटयुबर्स और इनफ्लुएंसर तथाकथित सोशल मीडिया महाकुंभ को अलग ही दृश्य दिख रहे हैं। दिव्या भव्य महाकुंभ में मनोरंजन और पिकनिक का एक गिरोह शामिल है। जो कुंभ की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। मोनालिसा हर्षा तो दिखाई दी। परंतु कुंभ में आयरलैंड से आई हुई लिसा 2009 में सनातन दीक्षा ली और आयुर्वेदिक और नेचुथेरेपी की चिकित्सक है। पास्कल फ्रांस से आई और रुद्राक्ष की माला पहनती है। आईआईटीयन बाबा से अधिक समर गांगुली बाबा है जो सात भाषाएं जानते हैं, 10 देश में हार्डवेयर और नेटवर्किंग इंजीनियरिंग में डिप्लोमा धारक नौकरी की बाद में सन्यासी बने। ओर अनेकों उदाहरण है। नागा साधु केवल साधु ही नहीं सनातन की सेना भी है। सन 1757 मैं नागा साधुओं ने युद्ध लड़ा अहमद शाह अब्दाली की 30000 मुगलों को हराया, सन 1664 काशी विश्वनाथ में मुगलों के साथ युद्ध किया। संतो के साथ दुर्व्यवहार करने वाले को ओर तथाकथित मीडिया को प्रतिबंधित करना चाहिए।



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