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मुरादाबाद के समाजसेवियों को नई जिम्मेदारियां, जल संरक्षण पर दिया संदेश, नवसंवत्सर पर प्रभात फेरी की तैयारी

मुरादाबाद के समाजसेवियों को नई जिम्मेदारियां, जल संरक्षण पर दिया संदेश, नवसंवत्सर पर प्रभात फेरी की तैयारी

मुरादाबाद। आर्य समाज और सामाजिक संगठनों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और निर्णयों ने हाल के दिनों में शहर के सामाजिक एवं सांस्कृतिक वातावरण को नई ऊर्जा प्रदान की है। लखनऊ में आयोजित आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश की अंतरंग सभा की बैठक में जहां मुरादाबाद के समाजसेवी ज्ञानेंद्र गांधी को प्रदेश का वरिष्ठ उप प्रधान और रमेश सिंह आर्य एडवोकेट को अंतरंग सदस्य मनोनीत किया गया, वहीं विश्व जल पुरुष डॉ. राजेंद्र सिंह ने मुरादाबाद में जल संरक्षण और प्रकृति के महत्व पर लोगों को जागरूक किया। इसके साथ ही आर्य समाज द्वारा नवसंवत्सर के अवसर पर निकलने वाली पारंपरिक प्रभात फेरी की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।

ज्ञानेंद्र गांधी बने प्रदेश के वरिष्ठ उप प्रधान, रमेश आर्य अंतरंग सदस्य

ज्ञानेन्द्र गांधी एवं रमेश आर्य एडवोकेट

आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश की अंतरंग सभा की बैठक लखनऊ के 5, मीराबाई मार्ग स्थित सभागार में आयोजित की गई। बैठक में प्रदेशभर की आर्य समाज संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान मुरादाबाद के वरिष्ठ समाजसेवी ज्ञानेंद्र गांधी को आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश का वरिष्ठ उप प्रधान तथा रमेश सिंह आर्य एडवोकेट को अंतरंग सदस्य बनाए जाने की घोषणा की गई।

बैठक में ज्ञानेंद्र गांधी को वरिष्ठ उप प्रधान के रूप में मंच पर विशेष स्थान भी प्रदान किया गया। इस अवसर पर मुरादाबाद जनपद के आर्य समाज से जुड़े पदाधिकारियों और समाजसेवियों ने दोनों को नई जिम्मेदारी मिलने पर हार्दिक बधाई देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की और उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में आर्य समाज की गतिविधियां और अधिक प्रभावी होंगी।

पंच महाभूत ही ईश्वर का स्वरूप : डॉ. राजेंद्र सिंह

इसी क्रम में विश्व विख्यात पर्यावरणविद् और विश्व जल पुरुष के नाम से प्रसिद्ध डॉ. राजेंद्र सिंह ने मुरादाबाद में जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। वे मुरादाबाद से लखनऊ जाते समय वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक डॉ. आशी खुराना के विशेष आग्रह पर सी एल. गुप्ता आई हॉस्पिटल पहुंचे और शहर की विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को संबोधित किया।

अपने संबोधन में डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि भूमि, गगन, वायु, आकाश और नीर — यही पंच महाभूत वास्तव में भगवान का स्वरूप हैं। इन्हीं से सृष्टि का निर्माण हुआ है और शास्त्रों में इन्हें देवताओं के रूप में भी स्वीकार किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि हमारे आसपास जल की प्रचुरता भी हो, तब भी उतना ही पानी उपयोग में लाना चाहिए जितनी वास्तविक आवश्यकता हो।

उन्होंने कहा—

जल से है जीवन, बिजली से आराम — व्यर्थ न बहने दें, इनसे बड़ा है काम।

डॉ. सिंह ने बताया कि आज विश्व के कई देशों में जल संकट को लेकर संघर्ष की स्थिति बन चुकी है। जॉर्डन-इजरायल, कीनिया-सोमालिया और जर्मनी-सीरिया जैसे देशों के बीच जल को लेकर विवाद इसके उदाहरण हैं। उन्होंने भारत की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां अधिकांश राज्यों में पर्याप्त वर्षा होती है, लेकिन जल के दुरुपयोग के कारण समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

गंगा के महत्व पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हम गंगा को मां कहते हैं, लेकिन व्यवहार में उसका सम्मान नहीं कर पाते। उन्होंने सरकार से गंगा जल को प्रथम श्रेणी का बनाकर उसके औषधीय गुणों का संरक्षण करने की अपील की, ताकि मानवता को उसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि गंगा किसी एक धर्म या समुदाय की नहीं, बल्कि पूरी मानवता की धरोहर है।

उन्होंने राजस्थान के मांगू काका को अपना गुरु बताते हुए कहा कि नदियों का अविरल बहना संस्कृति और सभ्यता को जीवित रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। यदि नदियां समाप्त हो गईं तो सृष्टि का संतुलन भी बिगड़ जाएगा। सनातन संस्कृति को उन्होंने एक वैज्ञानिक और सतत गतिशील परंपरा बताया।

इस अवसर पर सरदार गुरविंदर सिंह, गरीमा सिंह, ज्ञानेंद्र गांधी, रमेश सिंह आर्य एडवोकेट, रवि टंडन, संजीव वर्मा, नैपाल सिंह पाल, रविता पाल, गीतांजलि पाण्डेय, रवि यदुवंशी, पर्वतारोही मनोज कुमार, कपिल कुमार प्रिंस, आदित्य राघव रस्तोगी, सृष्टि अधिकारी, संदीप खन्ना और दीपक कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

नवसंवत्सर पर 19 मार्च को निकलेगी प्रभात फेरी

उधर आर्य समाज स्टेशन रोड, मुरादाबाद में महानगर की सभी आर्य संस्थाओं एवं सहयोगी संगठनों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि नवसंवत्सर और आर्य समाज स्थापना दिवस के अवसर पर पिछले लगभग 50 वर्षों से निकल रही पारंपरिक प्रभात फेरी को इस वर्ष भी भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा।

प्रभात फेरी 19 मार्च को प्रातः 5 बजे आर्य समाज मंडी बांस से प्रारंभ होकर मंडी चौक, अमरोहा गेट, चौमुखा पुल, कोतवाली, बाजार गंज, गुरहट्टी, गुरु गोबिंद सिंह चौक, गुलजारीमल धर्मशाला और बुद्ध बाजार चौक होते हुए आर्य समाज स्टेशन रोड पर समाप्त होगी। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से भारतीय पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होने का आग्रह किया है।

बैठक की अध्यक्षता कपिल मुनि ने की तथा संचालन मंत्री रमेश सिंह आर्य एडवोकेट ने किया। इस अवसर पर वी.के. अग्रवाल, लोकेश आर्य, प्रदीप विश्नोई, राकेश भटनागर, दिनेश विश्नोई, दिनेश दीक्षित, संतोष कुमार गुप्ता, वेद मुनि, उमेश आर्य, प्रज्ञाशु आर्य, संजय आर्य, मथुरा प्रसाद आर्य, मयंक आर्य, जितेंद्र आर्य, गायत्री आर्य, पूनम शास्त्री, लालकिशोर शास्त्री, रविंद्र आर्य, अजब सिंह आर्य, वीरेंद्र आर्य और संदीप त्रिवेदी सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

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