Search
Close this search box.

मदरसे में छापे जा रहे नकली नोट मदरसे के मौलवी सहित पुलिस ने किया चार को गिरफ्तार।

मदरसे में छापे जा रहे नकली नोट मदरसे के मौलवी सहित पुलिस ने किया चार को गिरफ्तार।

प्रशासन द्वारा इसको सील भी किया जा सकता है या फिर बुलडोजर की भी कार्रवाई हो सकती हैं।

रिपोर्ट:सागर और ज्वाला न्यूज।

नकली नोट छापने वाले मदरसे पर अब सरकारी विभाग ने भी शिकंजा कसना प्रारंभ कर दिया है सरकारी विभाग में सबसे पहले मदरसे का सोसाइटी रजिस्ट्रेशन को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पुलिस द्वारा चारों आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनके माध्यम से पूरे नेटवर्क का पता लगाने और उनके संबंध कहां-कहां पर हैं इसकी जानकारी में जुड़ गई।
उत्तर प्रदेश की एटीएस और एन आई ए की टीम भी नकली नोट छापने वालो की जांच मे शामिल हो सकती है।इसके अलावा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने बताया है कि नकली नोट छापने वाला मदरसा उसके रडार पर था।अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड को जानकारी मिली है कि बिना मान्यता के चलने वाले इस मदरसे का निर्माण विकास प्राधिकरण की मंजूरी और नक्शे के बिना ही कराया गया था इस दौरान आने वाले दिनों में प्रशासन द्वारा इसको सील भी किया जा सकता है या फिर बुलडोजर की भी कार्रवाई हो सकती हैं।

जुम्मे की नमाज को लेकर नमाजियों में भी डर का माहौ

नकली नोटों के मामले को लेकर इंटेलिजेंस की टीम पिछले दो दिनों से मदरसे की जांच पड़ताल में लगी हुई है गुरुवार को जुम्मे की नमाज को लेकर नमाजियों में भी डर का माहौल देखने को मिला आपको बताते चले कि अन्य दिनों की अपेक्षा आज जुम्मे की नमाज में नमाजियो की संख्या बहुत कम थी

हाई क्वालिटी स्कैनर और प्रिंटर का इस्तेमाल कर भारी मात्रा में बड़ी पेपर सीट पर नकली नोट छापने का गोरख धंधा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में फल फूल रहा था नकली नोट छापने वाले गिरोह के सरगना ने पुलीस को पूछताछ में बताया कि हम प्रिंटर के माध्यम से यह नकली नोट छापने का गोरख धंधा चलाते हैं। नकली नोटों का गोरख धंधा करने वाले गिरोह के सरगना जाहिर ने पूछताछ करने पर बताया हमारा भाई ओडिसा में आधार कार्ड बनाने का सेंटर चलता था। हमने अपने भाई से हाई क्वालिटी प्रिंटर द्वारा स्कैनर की मदद से आधार कार्ड बनाने का काम देख।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आकर हाई क्वालिटी प्रिंटर , स्कैनर की मदद से नकली नोट छापना शुरू कर दिया। हम सबसे पहले असली नोट को स्कैनर की मदद से स्कैन करके फिर फोटो एडिटिंग के जरिए नोट पर छपे नंबरों को बदलकर एक बड़ी पेपर सीट पर बड़ी मात्रा में नोटों को रात में हम सभी लोग मिलकर छापते थे फिर उनको कटर की सहायता से काटने का काम करते थे। नोटों को छापने एवं कटिंग के समय पर बहुत ही सावधानी पूर्वक कार्य किया जाता था ताकि नोट बिल्कुल सही सही दिखाई दे।उसकी कोई पहचान नकली नोट के रूप में ना कर सके। नकली नोटों को कटर मशीन की सहायता से काटने से पूर्व धातु के बने एक खांचे को प्रिंटेड सीट पर रखकर बहुत ही सावधानी से काटा जाता था। नकली नोटों की कटाई के बाद नोट को असली दिखाई दे उसके लिए सिक्योरिटी थ्रेड वाली जगह पर हरे रंग का सेलो टेप चिपकाया जाता था जिससे वह नोट में असली ब नकली में अंतर स्पष्ट ना हो सके। आपकी जानकारी में बताते चलें कि असली ब नकली नोटों में अंतर सिर्फ यह होता था की असली नोटों की तरह सिक्योरिटी थ्रेड पर आरबीआई अंकित नहीं होता था। पकड़े गए चारों आरोपियों ने बताया कि हम इन नोटों को चलाने का इस्तेमाल भीडभाड़ वाले स्थान पर किया करते थे जैसे ऑटो रिक्शा, सब्जी वाला ,किराना स्टोर की दुकानो पर भीलवाड़ा वाली जगह पर ।छोटे-छोटे दुकानदारों पर छोटे-छोटे नोटों का इस्तेमाल किया करते थे। छोटे-छोटे दुकानदार ₹50, और 100 के नोटों को आसानी से पकड़ लेते थे और ज्यादा ध्यान नहीं देते इसीलिए यह हमारा गोरख धंधा चल रहा था और हम पकड़ में नहीं आ पाते थे।

मदरसे का मौलवी पहले बच्चों को पढ़ाता था फिर नोट छपता था ।

मदरसे में चल रहे गोरख धंधे का खुलासा पुलिस के द्वारा किया गया जिसमें आरोपी जाहिर ने पुलीस बताया की मदरसे का मौलवी तफ़्सीरुल सबसे पहले मदरसे में आने वाले बच्चों को पढ़ाता था बच्चों की पढ़ाई पूरी होने एवं छुट्टी होने के बाद में नकली नोट बनाने में हमारी मदद करता था मुख्यता मदरसे का मौलवी नोटों की कटिंग करने का काम बखूबी निभाता था। उसके बाद हम मदरसे के मौलवी तफसीरूल के साथ बाजार में खरीदारी करने जाया करते थे। और हम सभी खरीदारी में नकली नोट का इस्तेमाल ही किया करते थे। हमारे अन्य साथी शाहिद और अफजल शहर के अन्य स्थानों में जाकर इन नोटों को भीलवाड़ा वाले इलाकों में चलाया करते थे।

मदरसे में छापे जा रहे थे नकली नोट मदरसे के मौलवी सहित पुलिस ने किया चार को गिरफ्तार।

मदरसे में नकली नोटों की छपाई का गोरख धंधा जोरों पर चल रहा था मदरसे के मौलवी के सहयोग से मौलवी सहित तीन अन्य व्यक्ति शाहिद और अफजल जाहिर के लिए काम करते थे। मदरसे से गिरफ्तार चारों आरोपियों से पुलिस ने एक लाख तीस हजार के नकली नोट बरामद किए हैं। 15000 असली नोटों के बदले 45000 रुपए के नकली नोट दिए जाते थे। पुलिस को मिली सूचना पर बस अड्डे पर मोहम्मद अफजल , शाहिद नाम के व्यक्ति को नकली नोटों को चलाते पकड़ा था जिनके पास से पुलिस को सौ ,सौ (100, 100) रुपए के नोटों की दो गड्डी मिली इसके बाद पुलिस ने जब जांच कराई गई तो पता चला कि उक्त लोगों से पकड़े गए नोट नकली पुलिस द्वारा पकड़े गए लोगों की निशानदेही पर पुलिस ने अतरसुइया के जामिया हबीबिया मज्जिदे आजम मदरसा मे पुलिस ने छापेमारी की तो पुलिस को बहुत बड़ी मात्रा में नकली नोट एवम नोटो को तैयार करने के उपकरण बरामद हुए। छापेमारी के दौरान पुलिस को नोट छापने वाला मुख्य मास्टरमाइंड मुख्य आरोपी जाहिर खान और अब्दुल जाहिर , मदरसे का संचालक मौलवी मोहम्मद तफ़्सीरुल आरिफीन को भी गिरफ्तार किया ।

Leave a Comment