कई बार खुदाई करने पर भी नही मिला शिवलिंग का दूसरा छोर, जानिए मुरादाबाद के इस प्राचीन शिव मंदिर की मान्यता
रिपोर्ट: सौरभ मिश्र (उप संपादक),सागर और ज्वाला न्यूज
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Toggleगर अभिमान है तुझमें , न मुझको नाप पाओगे ।
झुकाया सिर जो भक्ति से ‘सरल’ हरदम मेरा तुम प्यार पाओगे ।।
भगवान भोले नाथ के चमत्कारों का जीता जागता उदाहरण है बेरनी का प्रसिद्ध शिव मंदिर

सम्भल जिले की तहसील चन्दौसी से रतनपुर मार्ग पर बेरनी गांव शहर चंदौसी से लगभग 10 किलोमीटर दूर है,और यदि हम बेरनी जाने के लिए जनपद मुरादाबाद के बिलारी से स्योंडारा मार्ग से भी रास्ता जाता है जो स्योंडारा से मात्र 3 किलोमीटर दूर है। आपको बताते चले कि पहले यह बेरनी गांव जनपद मुरादाबाद में ही आता था नया जिला संभल बनने से अब संभल मे ही है यहां पर विराजमान भगवान शिव के शिवलिंग के चलते यह ग्राम दूर दूर तक विख्यात है। ऐसी मान्यता है कि रतन पुर बेरनी में स्थित शिव मंदिर में स्थापित शिवलिंग की कोई थाह नहीं है।यहां के निवासियों का मानना है कि मंदिर का भवन धराशायी होने पर कई बार खोदाई की गई, लेकिन शिवलिंग का दूसरा छोर धरातल में आज तक नहीं मिला। इस कारण इस विख्यात प्राचीन शिवमंदिर में दूर-दूर से लाखों भक्त दर्शन करने आते हैं ।भगवान शिव के मंदिर में शिव के दर्शन मात्र से भक्तों के कष्ट दूर हो जाते हैं। श्रावण मास के पावन मास में भक्त जन दूर दूर से कावड़ लाकर देवा दी देव भोले नाथ को जलाभिषेक करते है । और मनवांछित फल प्राप्त करते है ।श्रावण मास की शिवरात्रि पर यहांवहुत बड़ा मेला लगता है। हजारों कांवड़ियों के अलावा भी शिवभक्त महादेव का जलाभिषेक कर मन्नत मांगते हैं। ऐसी मान्यता है कि पांचवी सदी में इस मंदिर की स्थापना हुई थी ।पुरातत्व विभाग का भी यही मानना है । बेरनी गांव को पांचवी सदी के राजा बैन की नगरी भी माना जाता है। मंदिर परिसर में स्थापित शिवलिंग को कोई भी व्यक्ति अपनी बाहों में नहीं भर सकता है। यहां जलाभिषेक कर लोग मन्नत मांगते हैं। मान्यता है कि यहां झाडू चढ़ाने पर चर्म रोग से मुक्ति मिलती है। वहीं स्वास्तिक चढ़ाने पर संतान की प्राप्ति हो जाती है।
मंदिर के भवन का चार बार निर्माण हो चुका है। अगस्त 2009 में बारिश के चलते मंदिर का भवन ढह गया था। उस समय मलबा हटा कर भवन के जीर्णोद्धार के लिए शिवलिंग के आसपास 15 फीट गहराई तक खोदाई की गई थी लेकिन शिवलिंग का अंतिम छोर नहीं मिला। खोदाई में सवा फीट लम्बी और एक फीट चौड़ी चार किलो वजन की ईंट निकली थीं। जो पुरातत्व विभाग के अनुसार ये ईंट पांचवी शताब्दी की थीं। इससे पूर्व 1805 में चन्दौसी की रानी रामकली ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। कहा जाता है कि उस समय 150 फीट गहराई तक खोदाई की गई थी । परंतु शिवलिंग के दूसरे छोर की थाह नहीं मिल सकी।
यहां टीलों की खोदाई में निकली पांचवी शताब्दी की मूर्ति पूर्व प्रधान रामवीर सिंह यादव ने सागर और ज्वाला को बताया कि बेरनी गांव टीलों पर बसा हुआ है। अगस्त 2009 से पहले की बात है जब एक किसान खेत में खोदाई कर मिट्टी निकाल रहा था तब खोदाई में पांचवी शताब्दी की मूर्ति निकली थीं। तब पुरातत्व विभाग ने गांव के टीलों की खोदाई पर रोक लगा दी थी। तब से टीलों की खोदाई नहीं की जाती है।
हर हर महादेव के जयकारों से गूंजे शिवालय ,भक्तों की उमड़ी भारी भीड़
सनातन धर्म के अनुसार सावन के पावन श्रावण मास का प्रारंभ चुका है इस श्रावण मास के प्रथम सोमवार के चलते हुए भक्तगणों के द्वारा देवाधिदेव महादेव को प्रसन्न करने के लिए सुदूर स्थानों से कावड़ के माध्यम से गंगाजल लाकर भगवान शंकर का जलाभिषेक ख़ूब भक्ति भाव से किया गया ।वही शिव भक्तों द्वारा जनपद के अलावा पूरे भारत में विभिन्न शिवालयों पर भगवान शिव को अपनी अपनी श्रद्धा के अनुसार विभिन्न सामग्री जैसे गंगाजल, दूध, दही ,चंदन, देसी घी, भांग ,धतूरा ,बेलपत्र आदि अर्पित कर प्रभु महादेव का आशीष पाने का प्रयास किया गया सीता आश्रम रोड स्थित मूंछों वाले मंदिर के नाम से प्रसिद्ध शिवालय पर प्रातः 4:00 बजे से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी जो की दिन निकलने के साथ बढ़ती चली गई इसके अलावा भी कई अन्य स्थानों पर लोग शिव भक्त अपने आराध्य का दर्शन पाने हेतु लंबी लंबी लाइनों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
वही रतनपुर बेरनी स्थित प्रभु के शिवालय पर भी भारी उमड़ी और भक्तों की लंबी-लंबी लाइन नजर आई ।हर और भक्तों के मुख से ओम नमः शिवाय ,हर हर महादेव के जयकारे गूंजते नजर आए जिससे शिवालय शिव मय हो गए। इस दौरान भीड़ का फायदा उठाकर कुछ चोर उचक्के भी अपना हुनर दिखाने से पीछे नहीं रहे और सीता आश्रम रोड स्थित मूंछों वाले शिव मंदिर पर महिलाओं की अंगूठी व सोने की चेन चोरी होने की घटनाएं भी होती रही आपको बताना चाहते हैं कि आप मंदिर जाते समय अपने कीमती सामान सोना च आदी ना लेकर जाए
फिर भी थाना अध्यक्ष थाना/कोतवाली पुलिस अपने दल बल के साथ पूरी तरह से मुस्तैद रहती है कानून व्यवस्था सुदृढ़ नजर आई ।


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