नए कानून के अंतर्गत भगौड़े अपराधियों की संपत्ति होगी जप्त, IPC की धाराओं की जगह, भारतीय न्याय संहिता BNS लागू कि गई
रिपोर्ट : नीरज सोलंकी एडवोकेट मुरादाबाद
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Toggleअब IPC की धाराओं की जगह, भारतीय न्याय संहिता BNS लागू हो गई है अधिवक्ताओं के हित में कुछ धाराओं संक्षिप्त में दर्शाया गया है।

????नए कानून के अंतर्गत सीमा में ही एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य
????अब राजद्रोह की जगह देशद्रोह होगा अपराध
????नए काम के अंतर्गत भगौड़े अपराधियों की संपत्ति होगी जप्त
????आपकी जानकारी मे बताना चाहते है कि अब शिकायत मिलने पर एफआइआर दर्ज करने, जांच पूरी करने, अदालत के संज्ञान लेने, दस्तावेज दाखिल करने एवं ट्रायल पूरा होने के बाद फैसला सुनाने तक की समय सीमा निर्धारित है।
????नए कानून के अंतर्गत अब पुलिस को तीन दिन के अंदर एफ आई आर दर्ज करना अनिवार्य होगा क्योंकि आपराधिक मुकदमो की शुरुआत प्रथम सूचना रिपोर्ट से की जाती है
????नए कानून में निश्चित समय सीमा में एफ आई आर दर्ज कर निश्चित समय सीमा में अदालत तक पहुंचाना अनिवार्य किया गया है।
???? आपकी जानकारी के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में व्यवस्था की गई है कि शिकायत मिलने के तीन दिन के अंदर-अंदर एफ आई आर दर्ज करना होगा
तथा तीन से सात साल की सजा वाले अपराध में 14 दिन में प्रारंभिक जांच पूरी कर करने के बाद एफ आई आर दर्ज की जाएगी 24 घंटे में तलाशी रिपोर्ट आदि के बाद उसे न्यायालय के सामने रखना अनिवार्य होगा।
????भारत सरकार द्वारा संचालित नए कानून भारतीय न्याय संहिता
????क्या आप जानते हैं कि भारतीय न्याय संहिता में कुल नई कितनी धाराएं है
कुल 357 धाराएं हैं. और पहले आईपीसी में 511 धाराएं हुआ करती थी।
इसी तरह भारतीय साक्ष्य अधिनियम में कुल 170 धाराएं हैं
अब हम आपका ध्यान नया कानून साक्ष्य संग्रह को बढ़ाने भी ध्यान केंद्रित करते हैं
जिसके अन्तर्गत पीड़ितों के बयानों और फोरेंसिक साक्ष्यों की अनिवार्य ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग की आवश्यकता होगी जो अभियोजन पक्ष के मामले को मजबूत करेगा।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम
जो कि भारतीय दंड संहिता 1860 दंड प्रक्रिया संहिता1973 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 की जगह ले चुके हैं।
एक जुलाई की रात 12 बजे से देश भर के 650 से ज़्यादा ज़िला न्यायालयों और 16,000 पुलिस थानों में ये नई व्यवस्था अपनाई है
अब संज्ञेय अपराधों को CRPC की धारा 154 के बजाय BNSS की धारा 173 के तहत दर्ज किया जाएगा
????302 (हत्या) की जगह होगी 103
????307 (हत्या का प्रयास) 109
????323 (मारपीट) 115
????354(छेड़छाड़) की जगह 74
????354ए (शारीरिक संपर्क और आगे बढ़ना) 76
????354बी (शारीरिक संस्पर्श और अश्लीलता 75
????354सी (ताक-झांक करना) 77
????354डी (पीछा करना) 78
????363 (नाबालिग का अण्डरण करस) 139
????376 (रेप करना) 64
????392 (लूट करना) 309
????420 (धोखाधड़ी) 318
????506 (जान से मारने की धमकी देना 351
????304ए (उपेक्षा द्वारा मृत्यु कारित करना। 106
????304बी (दहेज हत्या) 80
????306 (आत्महत्या के लिए उकसाना 108
????509(आत्महत्या का प्रयास करना 79
????286(विस्फोटक पदार्थ के बारे में उपेक्षापूर्ण आचरण) 287
????294( गाली देना या गलत इशारे करना) 296
????509 लज्जा भंग करना) 79
????324 जानबूझकर चोट पहुंचाना) 118(1)
????325 (गम्भीर चोट पहुंचाना) 118(2),
????353 (लोकसेवक को डरा कर रोकना 121
????336 दूसरे के जीवन को खतरा पहुंचाना 125
????337 (मानव जीवन को खतरे वाली चोट पहुंचाना) 125(ए)
????338 (मानव जीवन को खतरे वाली चोट 125(बी)
????341 (किसी को जबरन रोकना 126
????284 विषैला पदार्थ के संबंध में अपेक्षा पूर्ण आचरण। 286
????290 (अन्यथा अनुबंधित मामलों में लोक बाधा दंड) 292
????447 अपराधिक अतिवार_329(3)
????448 (गृह अतिचार के लिए दंड) 329(4)
????382 (चोरी के लिए मृत्यु क्षति 304
????493 दूसरा विवाह करना)। 82
????495ए (पति या उसके रिश्तेदार द्वारा क्रूरता) 85
अब संज्ञेय अपराधों को CRPC की धारा 154 के बजाय BNSS की धारा 173 के तहत दर्ज किया जाएगा
एक जुलाई की रात 12 बजे से देश भर के 650 से ज़्यादा ज़िला न्यायालयों और 16,000 पुलिस थानों में ये नई
भारत सरकार द्वारा संचालित नए कानून भारतीय न्याय संहिता
302 (हत्या) की जगह होगी 103
????307 (हत्या का प्रयास) 109
????323 (मारपीट) 115
????354(छेड़छाड़) की जगह 74
????354ए (शारीरिक संपर्क और आगे बढ़ना) 76
????354बी (शारीरिक संस्पर्श और अश्लीलता 75
????354सी (ताक-झांक करना) 77
????354डी (पीछा करना) 78
????363 (नाबालिग का अण्डरण करस) 139
????376 (रेप करना) 64
????392 (लूट करना) 309
????420 (धोखाधड़ी) 318
????506 (जान से मारने की धमकी देना 351
????304ए (उपेक्षा द्वारा मृत्यु कारित करना 106
????304बी (दहेज हत्या) 80
????306 (आत्महत्या के लिए उकसाना 108
????509(आत्महत्या का प्रयास करना 79
????286(विस्फोटक पदार्थ के बारे में उपेक्षापूर्ण आचरण) 287
????294( गाली देना या गलत इशारे करना) 296
????509 लज्जा भंग करना) 79
????324 जानबूझकर चोट पहुंचाना) 118(1)
????325 (गम्भीर चोट पहुंचाना) 118(2),
????353 (लोकसेवक को डरा कर रोकना 121
????336 दूसरे के जीवन को खतरा पहुंचाना 125
????337 (मानव जीवन को खतरे वाली चोट पहुंचाना) 125(ए)
????338 (मानव जीवन को खतरे वाली चोट 125(बी)
????341 (किसी को जबरन रोकना 126
????284 विषैला पदार्थ के संबंध में अपेक्षा पूर्ण आचरण। 286
????290 (अन्यथा अनुबंधित मामलों में लोक बाधा दंड) 292
????447 अपराधिक अतिवार_329(3)
????448 (गृह अतिचार के लिए दंड) 329(4)
????382 (चोरी के लिए मृत्यु क्षति 304
????493 दूसरा विवाह करना)। 82
????495ए (पति या उसके रिश्तेदार द्वारा क्रूरता) 85


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