सही तैयारी और समर्पण के साथ परीक्षा को आत्मविश्वास के साथ देने पर सफलता चूमेगी आपके कदम: डॉ नीरज चौधरी।

Table of Contents
Toggleपरीक्षा की तैयारी के लिए क्या टिप्स देना चाहती है? शहर कि प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉक्टर नीरज चौधरी
सौरभ मिश्र, सागर और ज्वाला न्यूज
चंदौसी, सागर और ज्वाला न्यूज।परीक्षा शब्द सुनते ही अक्सर परीक्षा में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के समक्ष तनाव दबाव तथा बेचैनी जैसी अनेक समस्याएं आमतौर पर देखने को मिलती है
इन परेशानियों के चलते परीक्षा में भाग लेने वाले प्रतिभागी अपने टैलेंट के साथ पूरा न्याय नहीं कर पाते हैं और पूरी तैयारी होने के बाद छूट बावजूद कहीं ना कहीं डिप्रेशन का शिकार होकर अपने रिजल्ट को खराब कर लेते हैं
आज इसी विषय पर सागर और ज्वाला की टीम ( सौरभ मिश्रा, अवधेश मिश्रा और मीनू गुप्ता) ने नगर की प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉक्टर नीरज चौधरी से इस विषय पर विस्तार से बात की जिससे परीक्षा के दौरान छात्र छात्राओं को इस तरह की समस्याओं से कैसे बचा जाए उसका सर्वोत्तम तरीका बताने का प्रयास किया गया

सवाल ? सौरभ मिश्र:
मैडम जी जैसा कि आप जानते हैं कि यह समय परीक्षा का समय है। इस दौरान न केवल बोर्ड एग्जाम्स हो रहे हैं। बल्कि तो लोकल एग्जाम्स भी हो रहे हैं ऐसे में छात्र छात्राओं को अपनी तैयारी कैसे करनी चाहिए उसके बारे में कुछ टिप्स देने का की कृपा करें।
जवाब ? डॉक्टर नीरज चौधरी :
सर वैसे तो परीक्षा से ठीक पूर्व पढ़ाई करके कोई बहुत अच्छा परिणाम नहीं पाया जा सकता क्योंकि पढ़ाई तो एक सतत प्रयास हैजो पूरे साल होना चाहिए लेकिन यह भी सच है की अक्सर वह विद्यार्थी भी जो पूरे साल पढ़ाई करते हैं एग्जाम फोबिया का शिकार हो जाते हैं
ऐसे में मैं अपने सभी बच्चों को बस यही टिप्स देना चाहूंगी कि
परीक्षा की तैयारी के लिए एक रूटीन बनाएं,
समय-समय पर पाठ्यक्रम कवर करें,
सही मैनेजमेंट के लिए।लिखें कि कब क्या पढ़ना है,
विशेष ब्रेक और प्रैक्टिस का समय निर्धारित करें।
रूटीन में स्थिति के हिसाब से आत्म-समीक्षा करें, अभ्यास को बनाए रखें।
स्वास्थ्य के लिए समय निकालें, पौराणिक तंत्र बनाएं, नियमित व्यायाम करें।संतुलित रूप से अध्ययन करें,
समाप्ति और मनोबल की सुरक्षा के लिए अच्छा रूटीन अपनाएं।
सबाल ? सौरभ मिश्र :
मैडम मैं चाहूंगा कि आप छात्र छात्राओं को परीक्षा के दौरान उनके डेली रूटीन के बारे में थोड़ा विस्तार से समझाएं
जवाब ! डॉ नीरज चौधरी:
परीक्षा के दौरान डेली रूटीन का अर्थ है कि निश्चित समय में बिना थके कैसे पढ़ाई करनी चाहिए
1 सिलेबस को अच्छे से समझे।सिलेबस के महत्वपूर्ण बिंदुओं को समझें, सभी पाठ आपकी किताब में हैं।
सारे विषयों में पढ़ने योग्य पाठों को ध्यान से पढ़ें, मार्क्स की जानकारी प्राप्त करें।
हर विषय में कौनसा खंड पढ़ना है, इसे समझें और महत्वपूर्ण सूचनाओं को ध्यान से पढ़ें।विषयवार मार्क्स और पाठों की विवरणी देखें, पढ़ाई को समर्थन के लिए योजना बनाएं।
पूर्णता के लिए प्रत्येक सब्जेक्ट की समर्पितता से सिलेबस पर काम करें।
2. सही स्टडी मैटेरियल का चुनाव करें
सही पुस्तकों और मटेरियल चयन करें, या टीचर और क्लासमेट्स से मदद लें।
रिसोर्स नहीं हो तो ऑनलाइन क्लास से भी सहायता प्राप्त करें।
NCERT की किताबें अगर आप स्टेट बोर्ड या सीबीएसई से हैं, तो अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
सही स्टडी मटेरियल से पढ़ाई को और भी प्रभावी बना सकते हैं।
अपनी शिक्षक से सवाल करना और ऑनलाइन समूहों में शामिल होना उपयुक्त है।
समझाने में कठिनाई हो तो, पढ़ाई को सरलता से सीखने के लिए सहायक प्राप्त करें।
3 : हर विषय के लिए टारगेट सेट करें
हर दिन निर्धारित समय में रूटीन बनाएं, और विषयों के लिए अलग-अलग मेटेरियल का उपयोग करें।
सब्जेक्ट्स के आधार पर विषयों को खत्म करने के लिए निर्धारित लक्ष्य तय करें।
हर विषय के लिए अधिक या कम मेटेरियल के आधार पर समय निर्धारित करें।
रूटीन के अलावा, निर्धारित समय में विषयों का पूरा करने का लक्ष्य रखें।
पढ़ाई के लिए हर सब्जेक्ट का विशिष्ट समय और मेटेरियल चयन करें।
उचित वितरण के साथ, प्रतिदिन का समय सही रूप से प्रबंधित करें ताकि पढ़ाई में सफलता हो।
सवाल ? सौरभ मिश्र:
मैडम जी छात्र छात्राओं को परीक्षा के दौरान किस तरह का भोजन करना चाहिए कुछ इस पर भी प्रकाश डालने की कृपा करें।
जबाब ! डॉ नीरज चौधरी:
वैसे तो हमें सदैव ही स्वस्थ आहार को प्राथमिकता देनी चाहिए । परंतु परीक्षा काल के दौरान विशेष तौर पर हल्का,पोष्टिक और सुपाच्य भोजन को ही प्राथमिकता दे । गरिष्ठ भोजन से बचे। व्यायाम को अवश्य अपनाएं।
स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम से तन-मन की सुधार होती है।
परीक्षा के समय मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
योग से मानसिक तनाव को कम करें, प्रदर्शन में सुधार हो।
सही खानपान और पर्याप्त नींद परीक्षा की तैयारी में मदद करते हैं।
परीक्षा के दौरान स्वास्थ्य की देखभाल से थकावट से बचें।खुद को स्वस्थ रखने से पढ़ाई में अधिक संरचित और सकारात्मक रहता है।
सही जीवनशैली से परीक्षा में उत्कृष्टता की दिशा में कदम बढ़ाएं।
ब्रेक लेना ना भूलें
हर इंसान में लगातार किसी कार्य को करने की क्षमता नहीं होती।
24 घंटे पढ़ाई के लिए समर्पित रहने की जरूरत नहीं है, ब्रेक लेना महत्वपूर्ण है।
ब्रेक लेने से दिमाग फिर से एक्टिव होता है और अच्छा प्रदर्शन होता है।
परिक्षा पे चर्चा 2024: आंखें बंद करके या ध्यान लगाकर शांति प्राप्त करें।
वॉक पर जाना, म्यूजिक सुनना, या थोड़ी देर सोना भी ब्रेक का हिस्सा है
ब्रेक लाभकारी है, लेकिन बहुत लंबा ना हो, फिर पढ़ाई की भावना न खो जाए।
संतुलित ब्रेक के बाद पुनः पढ़ाई में जुटना उत्तम परिणाम देता है।
सवाल ? सौरभ मिश्र:
किसी भी परीक्षा में रिवीजन का क्या योगदान होता है।क्या परीक्षा से पूर्व परीक्षार्थी को रिवीजन करना चाहिए।की तैयारी के लिए क्या टिप्स देना चाहती है?
शहर कि प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉक्टर नीरज चौधरी ने रिवीजन के विषय पर क्या प्रकाश डाला ? क्या परीक्षार्थियों को परीक्षा से पूर्व रिवीजन करना चाहिए?
जवाब ! डॉ नीरज चौधरी:
किसी भी परीक्षार्थी के लिए किसी भी विषय का रिविजन उतना ही महत्व को है जितना शरीर को चलाने के लिए भोजन। इसलिए रिवीजन पर विशेष ध्यान दे
बोर्ड परीक्षा की तैयारी में सबसे महत्वपूर्ण है अच्छे से रिवीजन करना।
स्कूल और ट्यूशन से पहले सिलेबस पूरा करना भी आवश्यक है।
रिवीजन से पढ़ाई दिमाग में अच्छे से बैठ जाती है।
रिवीजन करते समय छोटे पॉइंट्स पर ध्यान देना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बोर्ड परीक्षा में MCQ सवाल अच्छे से तैयारी की आवश्यकता है।
हर विषय का अच्छा रिवीजन सभी प्रकार के सवालों के लिए फायदेमंद है।
यदि आप छोटे छोटे मार्क्स पर ध्यान दें, तो अंकों में सुधार संभावित है। पिछले साल के पेपर हल करें
सिलेबस पूरा करने के बाद, पूर्ण अभ्यास से आत्म-सुनिश्चित बनें।
पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों का हल करके तैयारी की मान्यता जांचें।
आपको यह सहायक होगा कि आपने कितनी अच्छी तैयारी की है और कहाँ सुधार की आवश्यकता है।
पुराने पेपरों को सॉल्व करके आप यह समझेंगे कि प्रश्न कैसे आते हैं और कौन-कौन से चैप्टर महत्वपूर्ण हैं।
नियमित रूप से पेपरों को हल करना आपकी मोटिवेशन बनाए रखेगा।
बोर्ड परीक्षा की तैयारी में यह एक अच्छा रणनीतिक उपाय है।
पुनरावलोकन से आपकी कमियों को सुधारकर सफलता की दिशा में मदद मिलेगी।
सवाल ? सौरभ मिश्र:
सोशल मीडिया का इस्तेमाल ना करें
क्या परीक्षा के दौरान परिक्षर्थियो को सोशल मीडिया का प्रयोग करना चाहिए?
जवाब ! डॉ नीरज चौधरी:
नहीं मैं अपने सभी बच्चों को यह सलाह दूंगी की परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखें क्योंकि सोशल मीडिया से ज्यादा समय बिताने से पढ़ाई में कमजोरी हो सकती है।
फ़ीड देखने की जगह, पढ़ाई में ज्यादा समय निर्धारित करना चाहिए।
रोज़ाना कई घंटे सोशल मीडिया पर बिताना व्यापक ज्ञान को हानि पहुँचा सकता है।
सफलता के लिए, सजग रहना और सोशल मीडिया का सही समय प्रबंधन करना आवश्यक है। सोशल मीडिया पर समय बर्बाद करना, पढ़ाई की बजाय, परीक्षा की तैयारी में समर्पित समय होना चाहिए।फेसबुक, ट्विटर, और इंस्टाग्राम पर स्क्रॉल करना पढ़ाई को प्रभावित कर सकता है।
बोर्ड परीक्षा के दौरान फ़ोन को बंद करके ध्यान केंद्रित रहना महत्वपूर्ण है।
सवाल ? सौरभ मिश्र :
मैडम मुझे लगता है कि आपने जो टिप्स दिए हैं इससे परीक्षार्थियों को परीक्षा की तैयारी में काफी मदद मिलेगी लेकिन परीक्षा के दौरान खुद को तनाव मुक्त रखने के लिए सबसे जरूरी काम हमें क्या करना चाहिए ?
जवाब ! डॉ नीरज चौधरी:
किसी भी परीक्षा में सफलता के लिए तनाव का होना सबसे बड़ा अवरोध है अतः में अपने सभी बच्चों से यह कहूंगी की परीक्षा के दौरान पॉजिटिव एनवायरनमेंट बनाएं रखें
पॉजिटिव और प्रेरणादायक वातावरण में रहना प्रदर्शन को सुधार सकता है।
बोर्ड एग्जाम की पढ़ाई करते समय, स्थिर और शांत माहौल में रहना महत्वपूर्ण है।
शांत वातावरण में पढ़ाई से ज्ञान दीर्घकाल तक स्थिर रहता है।
पढ़ाई करते समय टीवी, मोबाइल जैसी चीजों को दूर रखना आवश्यक है।
उपयोग से ही दिमाग पूरी तरह से पढ़ाई में ध्यान लगाने में सक्षम होता है। मॉक टेस्ट देते रहें
तैयारी के साथ-साथ आत्मानुसंधान के लिए मॉक टेस्ट देना महत्वपूर्ण है।
मॉक टेस्ट से आप अपनी पढ़ाई की प्रगति को माप सकते हैं।
टेस्ट में होने वाले गलतियों से सीखना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कोचिंग या शिक्षकों द्वारा बनाए गए टेस्ट में भी शामिल होना चाहिए।
मॉक टेस्ट से आपको आत्म-मूल्यांकन का अवसर मिलता है।
सफल या असफल होने से घबराना नहीं, बल्कि सुधार का अवसर मानना चाहिए।
ऑनलाइन और बाजार में मॉक टेस्ट की किताबें उपलब्ध हैं, जो आपकी तैयारी में मदद कर सकती हैं।
बोर्ड एग्जाम के समय खास बातों का ध्यान रखें:-
बोर्ड एग्जाम के समय, सिर्फ तैयारी ही नहीं, विशेष ध्यान रखें। पूरी तैयारी के बाद भी गलतियों से बचने के लिए सावधान रहें। टारगेट में पीछे रहने की वजह गलतियों को सुधारें। अपनी कड़ी मेहनत को बेकार नहीं होने दें, ध्यानपूर्वक पढ़ें। सभी निरीक्षकीय निर्देशों का पालन करने के लिए तैयार रहें।
एग्जाम से पहले आवश्यक सामग्री की जांच करें, जैसे एडमिट कार्ड और पेंसिल बैग।
यूनिफॉर्म की पॉकेट और पेंसिल बैग को ध्यानपूर्वक चेक करें, कोई छूट नहीं होनी चाहिए।
अंदर छुपी पर्ची जांचने के बाद, परीक्षा से स्थगित हो सकते हैं।
एग्जाम सेंटर पहले पहुँचें, रोल नंबर देखें और विशेष निर्देशों का पालन करें।
पेपर मिलने से पहले पेन, पेंसिल, स्केल, और रबर तैयार रखें।
प्रश्नों को धीरे-धीरे पढ़ें, जवाब आते ही हल करें, समय बचाएं।
प्रत्येक सवाल का उत्तर अंकों के अनुसार दें, समय का सही इस्तेमाल करें।
स्ट्रेस से बचने के लिए परीक्षा से पहले आदेश बनाएं और आत्म-संज्ञान बनाएं।
सही तैयारी और समर्पण के साथ परीक्षा को आत्मविश्वास के साथ दें।
विशेष निर्देशों का पूरी तरह से पालन करें।
डॉ नीरज चौधरी ने सागर और ज्वाला न्यूज की टीम को बधाई देते हुए कहा कि इस समाचार पत्र के माध्यम से मेरा संदेश परीक्षा में बैठने वाले छात्र छात्राओं तक पहुंचे मेरी तरफ से एवं सागर उजाला परिवार की ओर से सभी बच्चों के लिए यही प्रार्थना है कि सही मार्गदर्शन के साथ 2024 बोर्ड परीक्षा की तैयारी करें, जिससे सफलता मिले। मेहनत और नियमितता बनाए रखें, ताकि लक्ष्यों की प्राप्ति हो सके। अपने लक्ष्य को प्राथमिकता दें, जिससे तैयारी में निरंतरता बनी रहे। समय प्रबंधन करें
और अध्ययन समय को सुनिश्चित रूप से बनाए रखें। पिछले वर्षों के पेपर्स को समझें और मॉडल पेपर्स से प्रैक्टिस करें।
स्वस्थ आहार लें और पर्याप्त आराम करें, ताकि मानसिक स्वास्थ्य बना रहे। समझदारी से प्रश्नों का समाधान करें, नकल न करें। स्वयं को स्वीकारें और अपनी कमजोरियों पर काम करें।
आत्म-मॉटिवेशन बनाए रखें और हार नहीं मानें। सकारात्मक माहौल में रहें और परिक्षा से पहले स्वयं को संतुलित रखें।





Users Today : 1
Users Last 30 days : 42
Total Users : 24966
Total views : 46734