कोसी की बाढ़ के बीच ट्रैक्टर पर सवार होकर प्रभावित गांवों में पहुंचे विधायक रामवीर सिंह और डीएम राजेंद्र पेंसिया, पानी के बीच उतरकर लिया हालात का जायजा

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Toggleमुरादाबाद, 4 सितंबर 2026। कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर से विधानसभा कुंदरकी क्षेत्र के अनेक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। लगातार हो रही वर्षा और नदी के बढ़े जलस्तर के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कई संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों के आवागमन, कृषि कार्य और दैनिक जीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात के बीच शुक्रवार को कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह एवं मुरादाबाद के जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायत भीतखेड़ा, हिरनखेड़ा एवं जैतपुर बिसाहट का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया।

ट्रैक्टर पर सवार होकर पहुंचे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में
बाढ़ के कारण अधिकांश संपर्क मार्गों पर पानी भर जाने और सामान्य वाहनों की आवाजाही बाधित होने के कारण विधायक रामवीर सिंह एवं जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ट्रैक्टर पर सवार होकर प्रभावित गांवों तक पहुंचे। कई स्थानों पर दोनों अधिकारियों ने स्वयं पानी के बीच उतरकर हालात का जायजा लिया तथा ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने खेतों, संपर्क मार्गों, निचले इलाकों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

ग्रामीणों से किया सीधा संवाद, सुनी समस्याएं
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन को बताया कि बाढ़ के कारण खेती-किसानी बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई किसानों की फसलें पानी में डूब गई हैं, जबकि कुछ स्थानों पर पशुओं के चारे एवं पेयजल की समस्या भी उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों ने राहत सामग्री, स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली आपूर्ति तथा आवागमन की व्यवस्था को लेकर भी अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं।
विधायक रामवीर सिंह ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन और जनप्रतिनिधि उनके साथ मजबूती से खड़े हैं तथा किसी भी प्रभावित परिवार को राहत से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने मौके पर मौजूद राजस्व, सिंचाई, स्वास्थ्य, पंचायत, विद्युत, पशुपालन, लोक निर्माण विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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उन्होंने निर्देशित किया कि—
- प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार तक राहत सामग्री, खाद्यान्न एवं स्वच्छ पेयजल तत्काल उपलब्ध कराया जाए।
- चिकित्सा टीमों को गांवों में नियमित भ्रमण कर आवश्यक दवाइयों एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं।
- जलजनित एवं संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग विशेष अभियान चलाए।
- प्रभावित क्षेत्रों में क्लोरीनयुक्त पेयजल की व्यवस्था तथा स्वच्छता अभियान चलाया जाए।
- विद्युत विभाग क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों की निगरानी रखे तथा किसी भी दुर्घटना से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाए।
- पशुपालन विभाग प्रभावित पशुओं के लिए चारे, टीकाकरण एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराए।
- संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी रखें।
24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में जलभराव अधिक है वहां चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए। आवश्यकता पड़ने पर नावों एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय किया जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में बिना विलंब राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी नियंत्रण कक्ष पूरी तरह सक्रिय रहें और ग्रामीणों द्वारा प्राप्त शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाए।
एक सप्ताह में होगा फसल क्षति का सर्वे
बाढ़ से किसानों को हुए नुकसान को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन किसानों की फसलें बाढ़ से प्रभावित हुई हैं उनका एक सप्ताह के भीतर स्थलीय सर्वे एवं सत्यापन पूरा किया जाए। सर्वे रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाए ताकि पात्र किसानों को आपदा राहत नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता एवं मुआवजा उपलब्ध कराया जा सके।
विधायक रामवीर सिंह ने अधिकारियों को दिए निर्देश
विधायक रामवीर सिंह ने कहा कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार की सहायता करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत सामग्री वितरण में पारदर्शिता रखी जाए, किसी भी पात्र व्यक्ति को राहत से वंचित न किया जाए तथा शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी लगातार गांवों का भ्रमण करें और मौके पर ही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।
राहत एवं बचाव कार्यों की हुई समीक्षा
निरीक्षण के दौरान राहत शिविरों की व्यवस्था, खाद्यान्न वितरण, पेयजल आपूर्ति, चिकित्सा सेवाएं, पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता, संपर्क मार्गों की स्थिति, विद्युत आपूर्ति तथा स्वच्छता व्यवस्थाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जहां भी आवश्यक हो वहां अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
सरकार की बाढ़ राहत नीति के अनुसार होंगे कार्य
उत्तर प्रदेश सरकार एवं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविर संचालित करने, खाद्यान्न एवं पेयजल उपलब्ध कराने, चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करने, पशुओं की सुरक्षा, फसल क्षति का आकलन, संपर्क मार्गों की बहाली तथा आवश्यकतानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ की स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी रखे जाएं तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
अधिकारी रहे उपस्थित
निरीक्षण के दौरान एडीएम (वित्त), बेसिक शिक्षा अधिकारी, राजस्व विभाग, सिंचाई विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग, विद्युत विभाग, पशुपालन विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को अपने-अपने विभागों से संबंधित कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करने और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।







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