25 किमी दूर मंडल मुख्यालय, फिर भी बदहाल — राजा का सहसपुर स्टेशन पर यात्री बेहाल
बिलारी। , जो मंडल मुख्यालय से मात्र 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बदहाल स्थिति में है। आज़ादी के दशकों बाद भी यह स्टेशन पुरानी टीन शेड, जर्जर प्लेटफॉर्म और टूटी बेंचों के सहारे संचालित हो रहा है। यात्रियों को नारकीय परिस्थितियों में यात्रा करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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Toggleमहत्वपूर्ण मार्गों का स्टेशन, लेकिन सुविधाओं से वंचित
यह स्टेशन मुरादाबाद, चंदौसी और संभल मार्ग की महत्वपूर्ण ट्रेनों का जंक्शन है। यहां से दिल्ली, बरेली, टनकपुर, लखनऊ, देहरादून, अलीगढ़ और कानपुर मार्ग की ट्रेनें गुजरती हैं, लेकिन कई प्रमुख ट्रेनों का स्टॉपेज नहीं है।
यात्रियों का कहना है कि सुविधाओं की कमी के कारण लोग सरकारी बसों और निजी वाहनों से अन्य शहरों की यात्रा करना अधिक सुविधाजनक समझते हैं।
प्लेटफॉर्म और सुविधाओं की दयनीय स्थिति
- प्लेटफॉर्म नंबर एक पर सरिया बाहर निकल चुका है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
- प्लेटफॉर्म पर लगी बेंचें पुरानी और जर्जर अवस्था में हैं।
- प्लेटफॉर्म नंबर दो की हालत भी लगभग वैसी ही है।
- यात्री प्रतीक्षालय (वेटिंग रूम) अक्सर बंद रहता है।
- शुद्ध पेयजल और ठंडे पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है; जो टंकियां लगी हैं वे भी कई बार खराब रहती हैं।
- बारिश, तेज धूप और रात्रि के समय यात्रियों—विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों—को खुले में इंतजार करना पड़ता है।
निरीक्षण में खुली व्यवस्थाओं की पोल
पूर्व में डी.आर.यू.सी.सी. सदस्य डॉ. पवन कुमार जैन द्वारा किए गए निरीक्षण में भी स्टेशन की बदहाल स्थिति उजागर हुई थी। निरीक्षण के दौरान रेलवे प्रशासन की लापरवाही पर चिंता जताई गई, किंतु अब तक जमीनी स्तर पर कोई ठोस सुधार दिखाई नहीं देता।
स्थानीय मीडिया प्लेटफॉर्म “सागर और ज्वाला” द्वारा पूर्व में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।
यात्रियों की प्रमुख मांगें
- स्टेशन का शीघ्र कायाकल्प एवं प्लेटफॉर्म की मरम्मत।
- सुरक्षित और आधुनिक शेड का निर्माण।
- शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय और खुला प्रतीक्षालय।
- दिल्ली और लखनऊ मार्ग की प्रमुख ट्रेनों का नियमित स्टॉपेज।
दैनिक यात्रियों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो क्षेत्र के लोग अन्य स्टेशनों की ओर पलायन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और रेलवे प्रशासन से इस दिशा में तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि राजा का सहसपुर स्टेशन भी अन्य स्टेशनों की तरह आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हो सके।
पूर्व में प्रकाशित बदहाल स्टेशन कि स्थिति जानने के लिए यहाँ क्लिक करें






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