लखनऊ लोकभवन में स्वदेशी जागरण मंच के प्रतिनिधिमंडल की महामहिम राज्यपाल से भेंट
उद्यमिता आयोग गठन, विश्वविद्यालयों में उद्यमिता केन्द्र और स्वदेशी प्रोत्साहन पर सौंपा 7 सूत्रीय मांगपत्र
लखनऊ।
स्वदेशी विचारधारा को सशक्त आधार देने और प्रदेश में उद्यमिता को संस्थागत रूप से बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए के शीर्ष नेतृत्व ने आज से लखनऊ स्थित में शिष्टाचार भेंट की।
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Toggleइस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में उद्यमिता आयोग के गठन, विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में उद्यमिता केन्द्रों की स्थापना, तथा स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की और 7 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।
डॉ. राजीव कुमार के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल
मंच के अखिल भारतीय विचार विभाग प्रमुख डॉ. राजीव कुमार के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में:
- अखिल भारतीय सह-समन्वयक – डॉ. राजकुमार मित्तल
- पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र संयोजक – अनुपम श्रीवास्तव
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र संयोजक – डॉ. अमितेश अमित
- अवध प्रांत संयोजक – अमित सिंह
शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में स्वरोजगार, नवाचार और स्वदेशी उद्योगों के प्रोत्साहन को लेकर विस्तार से अपने सुझाव महामहिम के समक्ष रखे।
नई शिक्षा नीति में उद्यमिता को अनिवार्य बनाने पर जोर
डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि नई शिक्षा नीति में उद्यमिता विषय को विद्यालयों और महाविद्यालयों में शामिल करने का स्पष्ट प्रस्ताव है।
उन्होंने सुझाव दिया कि:
- उद्यमिता विषय को पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए।
- प्रत्येक विश्वविद्यालय और कॉलेज में उद्यमिता विकास केन्द्र स्थापित किए जाएं।
उनका तर्क था कि यदि युवाओं को प्रारंभिक स्तर से ही व्यवसाय, नवाचार, वित्तीय प्रबंधन और स्टार्टअप संस्कृति की जानकारी दी जाएगी, तो वे नौकरी खोजने के बजाय रोजगार सृजनकर्ता बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
उद्यमिता आयोग गठन की आवश्यकता
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और युवा बहुल राज्य में उद्यमिता आयोग का गठन समय की आवश्यकता है।
यह आयोग:
- नीति निर्माण में सहयोग करेगा
- विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेगा
- उद्यमियों को मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगा
21 अगस्त को विश्व उद्यमिता दिवस मनाने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग रखी कि प्रत्येक वर्ष 21 अगस्त – विश्व उद्यमिता दिवस के अवसर पर सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
इन कार्यक्रमों में शामिल हों:
- सफल उद्यमियों के व्याख्यान
- स्टार्टअप प्रदर्शनी
- नवाचार प्रतियोगिता
- स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी
ताकि छात्र-छात्राओं में उद्यमिता के प्रति उत्साह और जागरूकता बढ़ सके।
सरकारी विभागों में स्वदेशी उत्पादों की अनिवार्य खरीद
स्वदेशी जागरण मंच ने मांगपत्र में उल्लेख किया कि प्रदेश के सभी सरकारी विभागों में स्वदेशी उत्पादों की खरीद को प्राथमिकता के आधार पर अनिवार्य किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल का मानना है कि:
- सरकारी स्तर पर स्वदेशी वस्तुओं की खपत सुनिश्चित होगी
- लघु, कुटीर एवं मध्यम उद्योगों को स्थायी बाजार मिलेगा
- स्थानीय उत्पादन को नई गति प्राप्त होगी
उन्होंने कहा कि “आत्मनिर्भर भारत” की परिकल्पना तभी साकार होगी जब स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन और प्रतिस्पर्धी बाजार दोनों उपलब्ध कराए जाएं।
प्रत्येक जिले में स्वदेशी मेले आयोजित करने का प्रस्ताव
मंच ने प्रदेश के सभी जिलों में समय-समय पर स्वदेशी मेलों के आयोजन की मांग रखी।
इन मेलों से:
- लघु एवं कुटीर उद्योगों को मंच मिलेगा
- स्वयं सहायता समूहों को बाजार उपलब्ध होगा
- स्थानीय कारीगरों को सीधा उपभोक्ता संपर्क मिलेगा
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी
महामहिम ने दिया सहयोग का आश्वासन
महामहिम राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि वे राज्य सरकार से चर्चा कर इस पहल में पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगी।
उन्होंने कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और प्रदेश की आर्थिक प्रगति में योगदान देने वाली किसी भी सकारात्मक पहल का स्वागत किया जाएगा।
युवाओं के लिए नई दिशा
स्वदेशी जागरण मंच की यह पहल प्रदेश के युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है।
यदि:
- उद्यमिता आयोग का गठन
- शिक्षा संस्थानों में उद्यमिता केन्द्रों की स्थापना
होती है, तो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।
(सागर और ज्वाला वेबसाइट हेतु विशेष समाचार रिपोर्ट)






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