इजरायल लेटेस्ट: कश्मीर से मारकर भगा दिए गए कश्मीरी हिन्दुओं का दर्द दिखाती फिल्म नहीं बननी चाहिए
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Toggleइजरायल कोई देश नहीं है क्योंकि यहूदियों ने फिलस्तीन मुस्लिमों को हटाकर उनकी जमीन कब्जा ली। लेकिन पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान देश हैं जहां पर रहने वाले हिन्दू-सिख करीब करीब लुप्त कर दिए हैं।
इजरायल से तो फिर भी यहूदियों का एतिहासिक जुड़ाव है बाइबिल, कुरान में इस जगह से जुड़ा यहूदियों का सदियों पुराना इतिहास लिखा है। ओल्ड टेंपल की दीवार आज भी खड़ी है। लेकिन 7वीं शताब्दी में मोहम्मद बिन कासिम सिंध आता है और आज उसी सिंध, मुल्तान, पंजाब में एक हिन्दू-सिख नहीं छोड़ा। हिंगलाज माता का मंदिर से लेकर मुल्तान में नरसिंह भगवान के मंदिर तक सब जगह हिन्दू विही्न हो चुकी हैं।
इजरायल को मान्यता नहीं देना चाहिए, फ्री फिलिस्तीन मूवमेंट चलाना चाहिए, एक यहूदी देश भी सहन नहीं करना चाहिए, इजरायल से राजनयिक संबंध नहीं रखने चाहिए,
लेकिन हिन्दू सिख साफ करके बने पाकिस्तान के साथ दोस्ताना व्यवहार रखना चाहिए। टू नेशन थ्योरी की औलाद पाकिस्तानियों को बुलाकर गाने गँवाने चाहिए। वहां के कॉमेडियन, सिंगर, एक्टर को गले लगाना चाहिए।
फिलस्तीन मुस्लिमों के साथ बहुत गलत हुआ है, लेकिन कराची, मुल्तान, लाहौर के हिन्दू-सिख कहां गए, इस पर हम क्यों सोचे?
यहूदी देश नहीं होना चाहिए लेकिन 57 इस्लामिक देश जो दूसरे धर्मों, संस्कृतियों को खत्म करके बनाए गए हैं जहां लागू शरीयत के हिसाब से वहीं के मूल निवासी दोयम दर्जे के नागरिक बन गए उनसे हमारा क्या लेना देना?
पाकिस्तान बांग्लादेश के पीड़ित हिन्दुओं के लिए भारत में CAA कानून तक नहीं लागू होना चाहिए, उन्हें भारत की नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए। कश्मीर से मारकर भगा दिए गए कश्मीरी हिन्दुओं का दर्द दिखाती फिल्म नहीं बननी चाहिए, धारा 370 नहीं हटानी चाहिए। लेकिन फिलिस्तीन मुसलमानों को वापस फिलस्तीन मिलना चाहिए।
जबकि इजरायल में 22 प्रतिशत मुस्लिम हैं, भारत में पाकिस्तान से ज्यादा मुस्लिम हैं, लेकिन पाकिस्तान में जो नाम के हिन्दू बचे हैं, उन्हें भारत में रहने तक नहीं देना चााहिए और इसके चक्कर में सारे देश में दंगे हो सकते हैं।
अमेरिका ब्रिटेन से आजाद हुआ लेकिन आज दोनों देश एक साथ हैं। जापान पर अमेरिका ने परमाणु बम से हमला किया, आज दोनों देश साथ हैं। भारत ने ब्रिटेन से आजादी पाई। आज दोनों देश साथ हैं, ब्रिटेन के तो पीएम भी भारतीय मूल के रह चुके हैं। 40 साल के बाद जर्मनी की दीवार गिर गई और दोनों जर्मनी एक हो गए।
कल को हो सकता है कि दोनों कोरिया भी एक हो जाए।
लेकिन एक तिहाई भारत छोड़ने के बाद भी भारत पाकिस्तान में कभी शांति नहीं आ सकती है। आज कश्मीर है कल हिमाचल, परसो दिल्ली के लिए लड़ रहे होंगे। पूरा अरब क्षेत्र मुसलमानों को देने के बाद भी यहूदी एक जरा सा देश इजरायल के अस्तित्व के लिए लड़ रहे हैं। यहूदी तो समझ गए हैं, हिन्दू जितनी जल्दी समझ जायें उतना अच्छा ।


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