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विद्युत विभाग के बाबू ने किया सरकारी धन का गबन

विद्युत विभाग के बाबू ने किया सरकारी धन का गबन

 

4 साल बीतने के बाद भी आज तक विभाग ने उसे नहीं की वसूली

सागर और ज्वाला न्यूज

अमरोहा । विद्युत विभाग के बाबू दयाल कृष्ण कुलश्रेष्ठ एवं तत्कालीन उपखंड अधिकारी नरेश कुमार को चार वर्ष पूर्व विभाग के सरकारी धन को विद्युत बिलों में गलत तरीके से संशोधन करने का दोषी पाया गया । उनसे समस्त सरकारी राजस्व की वसूली की संस्तुति भी की गई थी । लेकिन विभाग की आंखों में धूल झोंक कर बाबू ने फाइल दबा दी और आज तक उनसे कोई राजस्व की वसूली नहीं हुई है ।

आरटीआई एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के जिला प्रभारी पं० मनु शर्मा एडवोकेट ने बताया कि विभागीय अभिलेखों के अनुसार विद्युत वितरण खंड अमरोहा प्रथम में कार्यकारी सहायक पद पर तैनात दयाल कृष्ण कुलश्रेष्ठ की नियुक्ति वर्ष 2003 में अमरोहा में ही हुई थी । तभी से 20 वर्षों से निरंतर वह यहीं पर तैनात है ।

रिकार्ड बताता है कि अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल अमरोहा ने 18 सितंबर 2018 एवं 6 दिसंबर 2018 को पत्र जारी कर एक जांच समिति का गठन किया था । जिसपर 15 फरवरी 2019 को अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल अमरोहा को जांच आख्या प्रेषित की गई थी । उक्त जांच आख्या के आधार पर मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता महोदय के निर्देशों के अनुपालन में तत्कालीन उपखंड अधिकारी नरेश कुमार एवं दयाल कृष्ण कुलश्रेष्ठ द्वारा उपभोक्ता तुलाराम एवं श्रीमती संगीता रानी के विद्युत बिलों में उनसे सांठ गांठ कर हेर फेर करते हुए विभाग को वित्तीय क्षति या हानि पहुंचते हुए गलत प्रकार से इन बिलों को संशोधित कर एसडीओ नरेश कुमार एवं बाबू दयाल कृष्ण कुलश्रेष्ठ को दोषी मानकर विभाग को इससे हुई समस्त राजस्व हानि की क्षतिपूर्ति अथवा वसूली उससे करने हेतु टिप्पणी भी की गई कि बिल रिवीजन के पूर्व बिलिंग अभिलेखों एवं तथ्यों की सघन जांच करना बिल लिपिक का प्रथम दायित्व होता है।

परंतु कर्तव्यपालन एवं चरित्रवान होकर उनके द्वारा अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन नहीं किया गया । उसके द्वारा उपभोक्ताओं के साथ सांठ गांठ कर अनुचित लाभ लेने व विभाग को राजस्व हानि व क्षति पहुंचाकर वित्तीय अनियमितता की गई है।

जिसके दृष्टिगत उसे सरकारी धन के गबन करने का दोषी मानकर धनराशि 1,75,280/रुपए की वसूली उससे करने का आदेश भी जारी किया गया था । परंतु विभागीय निष्क्रियता के कारण वह वसूली आज तक नहीं की जा सकी । इसके उपरांत विद्युत वितरण खंड द्वितीय अमरोहा ने 16 फरवरी 2019 एवं 21 अगस्त 2020 को भी रिमाइंडर भेजकर उक्त समस्त रुपए को उसके वेतन से वसूली करने के लिए कहा गया । लेकिन उक्त बाबू दयाल कृष्ण कुलश्रेष्ठ ने उच्चाधिकारियों से सांठ गांठ कर मामला इसी स्तर पर रफा-दफा कर लिया और प्रकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिया ।

जबकि उसपर उक्त बकाया सरकारी राजस्व अभी तक भी वसूला नहीं गया है । उसके द्वारा सरकारी पद पर रहकर सरकारी अभिलेखों में हेरा फेरी और विभाग से धोखाधड़ी करके उक्त सरकारी धन व राजस्व का गबन किया गया है । उन्होंने उक्त बाबू दयाल कृष्ण कुलश्रेष्ठ के विरुद्ध सरकारी पद पर रहते हुए सरकारी राजस्व धनराशि 1,75,280/ रुपए की अमानत में खयानत कर सरकारी धन का गबन करने की प्राथमिकी दर्ज कर उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई कराने की मांग की है। शिकायत मिलते ही विभाग में हड़कंप मच गया है।

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